वन विभाग की जनसूचना जारी, बाहरी लोगों और ठेकेदारों को जड़ी-बूटी एकत्र करने पर लगाई रोक
ग्रामीणों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील, वन्यप्राणियों के शिकार को बताया गैर-जमानती अपराध
वन अग्नि सीजन को देखते हुए जंगल में आग लगाने पर भारतीय वन अधिनियम के तहत कार्रवाई
दलीपा राम
होली (चंबा)। क्षेत्र के जंगलों में आग लगाने से लेकर वन्यप्राणियों के शिकार और जड़ी-बूटियों के अनधिकृत दोहन पर वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। वन परिक्षेत्र अधिकारी त्रेहटा (होली) की ओर से वर्ष 2026-27 के लिए जनसूचना जारी कर ग्रामीणों और पशुपालकों से वन संपदा की सुरक्षा में सहयोग करने की अपील की गई है।
विभाग ने आगामी अग्नि सीजन को देखते हुए वनों में किसी भी प्रकार की आग न लगाने की हिदायत दी है। जंगल में आग लगाते हुए पकड़े जाने पर भारतीय वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों से अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी वन सुरक्षा से जुड़े नियमों के प्रति जागरूक करने को कहा गया है।
सर्दियों में वन्यप्राणियों के निचले क्षेत्रों की ओर आने की संभावना को देखते हुए अवैध शिकार पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यप्राणियों का शिकार गंभीर और गैर-जमानती अपराध है। पंचायत क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि या शिकार का प्रयास नजर आने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।
स्थानीय हकदारों को ही जड़ी-बूटी की अनुमति
वर्ष 2026-27 के लिए होली और बाराभणछो ब्लॉक को जड़ी-बूटी लाइसेंस के लिए खोला गया है। निर्धारित नियमों के तहत केवल स्थानीय हक-बरतनदार ग्रामीण ही जड़ी-बूटियां एकत्र कर सकेंगे। विभाग ने बाहरी लोगों और ठेकेदारों को पंचायत क्षेत्र अथवा वन भूमि में अनधिकृत रूप से प्रवेश न देने की हिदायत दी है। ऐसे लोगों के जड़ी-बूटी एकत्र करते पाए जाने पर तुरंत विभाग को सूचना देने को कहा गया है। उधर, वन विभाग के आरओ जगदीश ने बताया कि इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।