सुंडला में भीषण अग्निकांड की भेंट चढ़े आठ खोखों की जगह दोबारा से एक ही रात में पक्की दुकानें बनाने का प्रयास हुआ है। अग्निकांड का शिकार हुए सभी खोखे सरकारी जमीन पर थे और प्रशासन या राजस्व विभाग की ओर से किसी भी प्रभावित को कोई आर्थिक मदद नहीं दी गई है। इसके बावजूद घटना के कुछ ही घंटों बाद सभी प्रभावितों ने पक्की दुकानों का काम शुरू कर दिया।
प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को रुकवा दिया है और सभी निर्माणकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। खोखों में अग्निकांड की घटना के बाद पक्की दुकानें बनाने के प्रयास ने अग्निकांड की घटना को संदेहजनक बना दिया है। घटना के तुरंत बाद ही प्रभावितों ने खाली हुई जगह पर निर्माण की कोशिश की है। जबकि न तो वे प्रशासन और न ही सरकार से किसी तरह की मदद मांगने गए।
इस घटना के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की दोबारा से जांच के निर्देश दिए हैं और पुलिस से मामले की तह तक छानबीन करने का आह्वान भी किया है। जबकि अतिक्रमण करने वालों को 24 घंटे में कब्जे छोड़ने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
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मामले की छानबीन करे पुलिस : अजय पराशर
तहसीलदार अजय पराशर ने बताया कि सरकारी भूमि पर किसी भी कीमत में अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। अतिक्रमणकारियों को चौबीस घंटों के भीतर अवैध निर्माण हटाने का नोटिस जारी कर दिया है। इसके बाद प्रशासन एक तरफा कार्रवाई करेगा। उन्होंने बताया कि पुलिस को मामले की छानबीन के निर्देश दिए गए हैं।