फर्जी सिम कार्ड के कारोबार का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। इन फर्जी सिम कार्ड को प्रयोग करने वालों ने आम व्यक्ति से लेकर पुलिस, प्रशासन और सरकार तक की नींदे उड़ा रखी है। निजी कंपनियां सिम कार्ड के जरिये दूरसंचार की सेवा दे रही हैं। उनकी विश्वसनीयता पर भी सवाल उठ रहे हैं। जिला पुलिस विभाग द्वारा हाल ही में की गई कार्रवाई में पाया गया कि चंबा में एक हजार से ज्यादा फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट हैं। इनका प्रयोग कोई और कर रहा है और यह सिम कार्ड किसी अन्य के नाम पर पंजीकृत हैं।
जानकारी यह भी मिली है कि इनमें कई सिम कार्ड ऐसे हैं जिनका पता आपराधिक गतिविधि की जांच प्रक्रिया के दौरान चला है। फिलहाल पुलिस को ऐसा कोई विकल्प नहीं मिल रहा है। जिससे इन फर्जी सिम कार्ड के चलन पर रोक लगाई जा सके। हालांकि पुलिस की ओर से लगातार ऐसे फर्जी सिम कार्ड की डिटेल संबंधित कंपनियों को भेजी जा रही है। ऐसे में सिम को चालू रखने का अंतिम निर्णय संबंधित कंपनी का ही होता है।
कंपनियां पुख्ता करें पहचान : डीएसपी
डीएसपी चंबा हेडक्वार्टर वीर बहादुर सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि फर्जी सिम कार्ड का प्रयोग बड़े पैमाने पर हो रहा है। पुलिस समस्या से निपटने की योजना बना रही है। कंपनियों को भी हिदायत दी है कि वे ऐसे नंबरों की जांच करें। नंबर जारी करते वक्त सही पहचानपत्र लें।