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बेटे को चौराहे पर खड़ा कर दो, मैं खुद अपने हाथों से मारूंगा गोली : जयपाल

Thu, 13 Aug 2026 10:31 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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बोले- बेटे को रावी में फेंकने वाले अपने कपूत की न जमानत करवाई और न ही करवाऊंगा
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बहू पर भी लगाए गंभीर आरोप, कहा- झगड़ालू स्वभाव के कारण किस मुंह आएगी अब वापस
छह वर्षीय पोते ने भुगता बेटे-बहू के बीच लंबे समय से चल रहे आपसी विवाद का खामियाजा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। नन्हीं सी जान को रावी में फेंकने वाले मेरे बेटे को चौराहे पर खड़ा कर दो और मेरे हाथ में बंदूक दे दो, मैं खुद अपने हाथों से उसे गोली मारूंगा। बेटे और बहू के बीच लंबे समय से चल रहे आपसी विवाद का खामियाजा उनके छह साल के पोते को भुगतना पड़ा।
यह बात फफक-फफक कर रोते हुए आरोपी के पिता 57 वर्षीय जयपाल ने कही। उन्होंने कहा कि पोते के बिना घर सुनसान पड़ा है। पोते की आवाज सुनने के लिए तरस गए हैं। उन्होंने आशंका जताई कि संभव है कि उनके आरोपी बेटे ने बच्चे को नदी में धक्का दे दिया है। उन्होंने बहू पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनकी बहू झगड़ालू स्वभाव की है। अब वह किस मुंह से वापस आ सकती है। उन्होंने कहा कि पोते को रावी में धक्का देने वाले अपने कपूत की जमानत नहीं करवाई है और न ही करवाऊंगा।
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जयपाल ने कहा कि बहू बच्चे को पढ़ाते समय भी उसकी पिटाई करती थी। दादा-दादी के रोकने पर विवाद हो जाता था। बहू अपनी सास से भी बहस करती थी और मारपीट पर उतारू हो जाती थी। 17 जुलाई को बहू ने मायके जाने की जिद की। पति ने पैसे के अभाव में बाद में जाने की बात कही। इस पर वह भड़क गई और अपने मायके पक्ष के लोगों को बुला लिया। सुबह उसकी मां, भाई समेत अन्य लोग घर पहुंचे। उन्होंने कथित तौर पर धक्का-मुक्की भी की। बुजुर्ग सास की तबीयत बिगड़ने पर उसे एंबुलेंस से उपचार के लिए भेजा गया। बाद में मामला महिला थाने तक पहुंचा।
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बेटे ने बताई थी उसके साथ अमृतसर में मारपीट होने की बात
जयपाल ने बताया कि परिवार ने घर की बात घर में रखकर विवाद खत्म करने का भी आग्रह किया लेकिन बहू ने बात नहीं बनी। सहमति के बाद छोटे बच्चे को अपने साथ ले गई। उनके बेटे ने बहू से फोन पर बच्चे के बिना मन न लगने की बात कही। उसने बच्चे को लेकर नदी में छलांग लगाने की बात भी कही थी। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। उन्होंने बताया कि 19-20 जुलाई के दौरान बेटे ने अमृतसर में उसके साथ मारपीट और पुलिस में फंसाने की धमकी मिलने की बात बताई। इसके बाद बेटा मानसिक रूप से परेशान रहने लगा और नियमित रूप से घर नहीं आया। अब वह परिवार के अन्य सदस्यों पर गलत आरोप लगा रही है। ये आरोप निराधार हैं।
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