अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में जूनियर विंग के फुटबाल खिलाड़ी निराशबजट के अभाव में जूनियर विंग के मैच न होने की बात आ रही सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में 15 दिन तक फुटबाल का सुबह और शाम जमकर अभ्यास करने वाले जूनियर खिलाड़ियों के साथ बड़ा खेला हो गया है। एक जुलाई को जिला प्रशासन के हस्तक्षेप से बच्चों को फुटबाल खेल की कोचिंग देने के लिए बिलासपुर से कोच पहुंचा। 15 दिन तक बच्चों ने कोचिंग भी ली, लेकिन अब मिंजर मेले के दौरान जूनियर विंग के खिलाड़ियों को खेलने का मौका ही नहीं मिल पाया। मिंजर मेले में खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करवाने वाले अब एक-दूसरे पर बात डाल कर अपना पक्ष रख रहे हैं। मिंजर मेले के दौरान मुकाबले न होने से अब खिलाड़ी मायूस हैं।
खिलाड़ियों रमेश कुमार, संजीव कुमार, नवीन कुमार, राकेश कुमार, राज कुमार, आकाश कुमार ने बताया कि चंबा में फुटबाल का कोच नहीं है। उपायुक्त ने बीते दिनों चंबा चौगान में पहुंचकर युवा खिलाड़ियों के लिए युवा सेवा एवं खेल विभाग के जरिये बाहरी जिले से फुटबाल का कोच भी बुलाया। एक से लेकर 15 जुलाई तक फुटबाल कोच ने बच्चों को फुटबाल की बारीकियां भी सीखाईं। अब मिंजर मेले में बजट का अभाव होने के कारण मैच न करवाने की बात सामने आ रही है। युवाओं ने बताया कि हॉकी और फुटबाल जिला चंबा के अहम खेल हैं लेकिन जूनियर वर्ग के खिलाड़ियों को खेलने का अवसर न देने से उनकी प्रतिभा दबकर रह जाएगी।
पुलिस अधीक्षक चंबा अभिषेक यादव ने बताया कि खेलकूद प्रतिस्पर्धाओं के लिए बजट की कमी नहीं हैं। जितना बजट बीते साल आया, उसी आधार पर बजट प्राप्त हुआ है। हर साल खेल बढ़ रहे हैं। ऐसे में खेलकूद सचिवों का भी यह दायित्व रहता है कि वे कौन सा खेल करवाना चाहते हैं।