साहो (चंबा)। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ लो वोल्टेज की दिक्कत शुरू हो गई। साल भर दीये की लौ और मोमबत्ती के सहारे पढ़ाई की। अब सालाना परीक्षाओं में भी दीया और मोमबत्ती ही विद्यार्थियों का सहारा है।
बिजली बोर्ड शायद खराब हो चुके ट्रांसफार्मर को बदलना भूल चुका है। नया ट्रांसफार्मर स्वीकृत होने के बावजूद लो वोल्टेज की समस्या दूर न होना बिजली बोर्ड की कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहा है। साहो क्षेत्र के कुरैणा पंचायत के आधा दर्जन गांवों के विद्यार्थी मोमबत्ती की रोशनी में वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। गृहिणियों को भी दिन के उजाले में ही रात का खाना पकाने के साथ घर का कामकाज निपटाना पड़ रहा है। बुजुर्गों और बीमार लोगाें की देखभाल के लिए मोमबत्ती ही सहारा है।
इन गांवों के लोगों का कहना है कि लो वोल्टेज की यह समस्या एक या दो माह से नहीं, बल्कि बीते एक वर्ष से चल रही है, लेकिन बोर्ड के कर्मचारी नींद में सोये हुए हैं। उनसे समस्या बताओ तो जल्द इसका समाधान करने की बात कहकर टाल दिया जाता है। ग्रामीणों के अनुसार साल भर में आश्वासनों का यही झुनझुना थमाया जा रहा है, समस्या तो ज्यों की त्यों ही है।
ग्रामीणों में निर्मला देवी, चरणों, हुकमो, रिंकू, भगत रात, चमनो और देस राज सहित अन्य ने कहा है कि कुरैणा पंचायत के गंझोली, अमरेली प्रथम, द्वितीय, न्योला, कुंडव सहित अन्य गांवों में बिजली की लो वोल्टेज की समस्या है। इस बारे में कई बार बोर्ड को सूचित किया गया है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। कहा कि शीतकालीन स्कूल के बच्चों की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, लेकिन रात के समय लो वोल्टेज के चलते बच्चों को दीये और मोमबत्ती की रोशनी से पढ़ाई करनी पड़ती है। लोगों ने साफ किया है कि जल्द पंचायत में ट्रांसफार्मर स्थापित नहीं किया तो वे सीएम हेल्पलाइन में बोर्ड की शिकायत करेंगे। उधर, विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता परवेश शर्मा ने कहा कि जल्द ही समस्या का समाधान करवाने का प्रयास किया जाएगा।