चंबा। केंद्रीय बजट को लेकर लोगों में निराशा देखने को मिल रही है। कर्मचारी वर्ग इस बजट से इतना खुश नहीं है। वहीं, महिलाएं भी बजट से ज्यादा संतोषजनक नहीं है। मध्य वर्ग के लोगों के लिए बजट खास तोहफा लेकर नहीं आया है। किसानों और बागवानों के लिए कोई नई सौगात बजट में नहीं दी गई है। लोगों को बजट से जो उम्मीदें थी, उसके ऊपर केंद्र सरकार खरा नहीं उतर पाई। बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने की बातें कही गई हैं, लेकिन आम लोगों को इसमें कहीं भी अपना फायदा नजर नहीं आ रहा।
कर्मचारियों के लिए बजट पूर्ण तौर पर निराशाजनक रहा है। कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाली के साथ-साथ आयकर में राहत की उम्मीद थी, जो पूरी न हो सकी, जिससे पूरे वर्ग में निराशा है। सुनील जरयाल, कर्मचारी
बजट में युवाओं के लिए दूसरे देश में पढ़ाई सस्ती करने की घोषणा की है। अगर ऐसा होता है तो पढ़ाई के लिए दूसरे देश का सपना देखने वाले युवाओं के लिए सौगात होगी। फैजान, युवा
सरकार ने बागवानों के लिए भी कोई बड़ी सौगात नहीं दी है। ज्यादातर बागवान इससे मायूस ही रह गए है। केंद्र के बजट से उम्मीदें होती है। थान सिंह, बागवान
महिलाओं के लिए बजट मायूस करने वाला ही रहा। सरकार ने रसोई के सामान को लेकर कोई कमी नही की है। खासकर तेल, दालों और सिलिंडर के दामों में कोई कमी नहीं की है। मेहनाज, स्थानीय महिला
किसानों को उम्मीद थी कि इस बार पीएम किसान योजना का बजट बढ़ाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बाकी फसलों को लेकर कोई बड़ा एलान नही किया। उमेश, किसान
केंद्र के बजट में वरिष्ठ नागारिकों को किसी प्रकार की छूट नहीं दी गई है। उनके टीडीएस कटौती में कोई बदलाव नही किया गया है। सुरेश कश्मीरी, वरिष्ठ नागारिक
केंद्र सरकार के बजट में विभिन्न प्रकार की दवाइयों को सस्ता करने की घोषणा की है। अगर दवाइयां सस्ती होती हैं तो गरीब तबके के मरीजों को सहूलियत होगी। शिव चरण चंद्रा, स्थानीय निवासी