पांगी में बर्फबारी के बाद का मनमोहक नजारा।
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पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी में अप्रैल माह में हुई बर्फबारी ने पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। तीन दिन से पांगी घाटी में लगातार बर्फबारी जारी है, जिसकी वजह से पांगी घाटी शेष दुनिया से कट चुकी है।
घाटी में करीब 45 सेमी हिमपात होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अप्रैल में अचानक बर्फबारी होने से घाटी के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। घाटी में इन दिनों मटर की फसल की बिजाई चल रही थी लेकिन, बर्फबारी की वजह से लोग मटर की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। निचले इलाकों में जहां लोग मटर की बिजाई कर रहे थे तो वहीं, ऊंचाई वाले इलाकों जैसे जसक, चस्क भटोरी, शुन, परमार, हिलोर, उदीन आरै हिलुटान में गेहूं की बिजाई चल रही थी।
मौसम की मार से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। वहीं, बर्फबारी से बागवानों को काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा पांगी घाटी के सभी लिंक मार्ग भी बंद हो चुके हैं। लोग पैदल आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। बर्फबारी से सेब, नाशपती, खुमानी और प्लम की फसल पर बुरा असर पड़ा है।