कोविड का बहाना बनाकर सड़कों के निर्माण कार्य में लेटलतीफी करने वाली एक बाहरी कंपनी को लोक निर्माण विभाग ने एक करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई है। इसके साथ ही कंपनी प्रबंधन को सात दिन के भीतर सड़कों का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू करने के कड़े आदेश जारी किए गए हैं। आदेशों के मुताबिक अगर कंपनी सात दिन में सड़कों का निर्माण कार्य शुरू नहीं करती है तो विभाग ठेकेदार के टेंडर को रद्द भी कर सकता है।
ऐसी स्थिति में दोबारा टेंडर करवाकर दूसरे ठेकेदार को काम दिया जा सकता है। लोक निर्माण विभाग के पास रजेरा-भानिया-बैली, साच फतेहपुर सहित अन्य दो सड़कों के रुके हुए निर्माण कार्य को लेकर काफी शिकायतें मिल रही थीं। गौरतलब है कि इन सड़कों का निर्माण कार्य लक्ष्य कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से करवाया जा रहा था, लेकिन कंपनी सड़कों के टेंडर लेने के बाद निर्माण कार्य करवाने में लेटलतीफी कर रही थी। इसको लेकर विभाग ने कंपनी को कई बार चेतावनी भी दी लेकिन, चेतावनी देने के बावजूद जब कंपनी ने निर्माण कार्य शुरू नहीं किए तो विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कंपनी को एक करोड़ की पेनल्टी लगाई है।
चंबा मंडल के अधीन लोक निर्माण विभाग की ओर से दर्जनों सड़कों का निर्माण कार्य शुरू करवाया गया है। इन कार्यों को स्थानीय और बाहरी ठेकेदार करवा रहे हैं लेकिन, करीब चार सड़कों का निर्माण करवा रही एक ही कंपनी लेटलतीफी कर रही थी। इसकी वजह से संबंधित क्षेत्र के लोगों को सड़क सुविधा नहीं मिल रही थी। इसको लेकर जैसे ही लोक निर्माण विभाग को सूचना मिली तो विभाग ने तुरंत कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। अब कंपनी प्रबंधन को अपना टेंडर बचाने के लिए सात दिन के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने होंगे।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जीत सिंह ठाकुर ने बताया कि सड़कों के निर्माण कार्यों में लेटलतीफी करने वाली कंपनी को एक करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। कंपनी प्रबंधन को सात दिन के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने के आदेश दिए गए हैं अन्यथा कंपनी का टेंडर रद्द कर दिया जाएगा।