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बर्फबारी के दो दिन बाद भी पटरी पर नहीं लौटी व्यवस्था

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चंबा। बर्फबारी के दो दिन बाद भी जिले में लोगों की जिंदगी पटरी पर नहीं लौट पाई है। जिले में अभी भी 50 रूटों पर एचआरटीसी की बसें नहीं दौड़ पाई है वहीं, 549 ट्रांसफार्मर अभी भी बंद पड़े हैं। इस कारण जिले की हजारों की आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। पेयजल पाइप जाम होने से लोग बर्फ पिघलाकर पीने के पानी का इंतजाम कर रहे हैं। हालांकि बिजली बोर्ड की तरफ से करीब 3500 ट्रांसफार्मरों को चालू कर लोगों को जरूर राहत दी है।
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रविवार केे भी भरमौर मुख्यालय एचआरटीसी की बसें नहीं पहुंच पाई। जबकि चंबा से सलूणी मार्ग भी बहाल नहीं हो पाया। धारगलां तक ही एचआरटीसी की बसें दौड़ी। इसके अलावा तीसा उपमंडल को जोड़ने वाला मार्ग भी भंजराडू़ तक ही बहाल हो पाया। लोक निर्माण विभाग की मशीनरी दिन रात मार्ग बहाल करने में जुटी है। मगर अत्यधिक बर्फ सड़क पर होने के कारण परेशानियां पेश आ रही है। गौरतलब है कि चंबा, भरमौर और तीसा में 507, डलहौजी में 192 व जनजातीय क्षेत्र में 50 ट्रांसफार्मर अभी ठप है।
तीसा के 25 मार्ग हुए बहाल
तीसा क्षेत्र में 25 मार्गों पर रविवार को वाहनों की आवाजाही बहाल हुई। जबकि छह मार्ग तरेला गुईला, तरेला-बोंदेड़ी-मंगली, देवीकोठी-बैरागढ़, खखरी-ऑयल, बघेईगढ़-चांजू, जसौरगढ़ से दयोला मार्ग अभी बाधित है। इन मार्गों को बहाल करने के लिए मशीनरी जुटी हुई है। तीसा में बर्फबारी से करीब पांच करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
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उपायुक्त चंबा विवेक भाटिया ने बताया कि व्यवस्था को बहाल करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कहा कि मौसम साफ रहने की वजह से रविवार को काफी बेहतर कार्य हुआ। अभी भी जिला की कई सड़कें बंद है। जबकि बिजली बोर्ड ने भी 3500 के करीब ट्रांसफार्मर चालू कर दिए हैं।
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