डलहौजी/खज्जियार/चंबा। जिले में मंगलवार को जनजातीय क्षेत्र पांगी और भरमौर में भारी बर्फबारी के कारण पूरा क्षेत्र कड़ाके की ठंड से ठिठुर रहा है। वहीं पर्यटन नगरी डलहौजी और खज्जियार में बर्फबारी से सैलानी चहक उठे हैं। मौसम के तेवरों से एक बार फिर लोग घरों में दुबककर रह गए हैं। जबकि, जगह-जगह होने वाले भूस्खलन से शेष मार्ग बंद और खुलते रहे। इससे हजारों लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मंगलवार सुबह से ही जिले के निचले क्षेत्रो में बारिश का क्रम जारी रहा। वहीं, पर्यटन नगरी डलहौजी, खज्जियार सहित भरमौर, सलूणी, किहार, लंगेरा, पांगी, साहो, सिल्लाघ्राट में हल्की बर्फबारी के बाद क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया है। पर्यटन नगरी डलहौजी के गांधी चौक, बस स्टैंड में दोपहर बाद बर्फ के फाहे गिरे। जबकि, आहला में दो से तीन इंच, लक्कड़मंडी में चार से छह इंच तक बर्फबारी हुई है। पर्यटन नगरी खज्जियार के पौहलाणी में चार से छह इंच, जोत पर आठ से एक फीट तक बर्फबारी होने से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप रही।
सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची जेसीबी ने मार्ग को यातायात के लिए बहाल किया गया। वहीं, तीसा की क्षेत्र के रिहायशी क्षेत्र आयल, बणतंर, सनवाल, देवीकोठी, टेपा, मंजणी, दुधरा में चार से छह इंच, ऊपरी चोटियों कलोह जोत, साच पास, खुंडी मराल में चार से छह मीटर तक बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। सलूूणी क्षेत्र की धाराओं लंगेरा, गढ़घूम, चौंडी दी घोड़ी, गढ़माता, मंदरालाधार, त्रियूंडी में पांच फीट तक, भरमौर की ऊपरी चोटियों मणिमहेश, काली छौ में भारी बर्फबारी हुई है। जबकि, सुबह और दोपहर बाद तहसील मुख्यालय भरमौर में भी बर्फबारी शुरू हो गई है। हालांकि भरमौर-पठानकोर्ट हाईवे पर वाहनों की आवाजाही जारी है।