शव को हेलिकॉप्टर में रखती रेस्क्यू टीम।स्रोत विडियो ग्रैब
भरमौर (चंबा)। भरमाणी धार में बर्फ की सफेद चादर दो परिवारों की रातें काली कर गई। भरमौर उपमंडल के घरेड़ निवासी विक्रमजीत और नीलम को बेटे पीयूष (13) की बर्फबारी में फंसने से हुई मौत ने झकझोर दिया। वहीं, मलकोता की अनिता पति की मौत के बाद बेटे (19) विकसित राणा का कफन में लिपटा शव देखकर बेसुध हो गईं।
दोनों का अंतिम संस्कार मंगलवार दोपहर को शव मिलने के बाद शाम को कर दिया गया। इस दौरान दोनों गांवों में मातम छाया रहा। पीयूष आठवीं कक्षा का छात्र था। उसके दो भाई और तीन बहनें हैं। एक उससे छोटा तो एक बड़ा है। घरेड़ गांव के चूहडू राम ने बताया कि पीयूष काफी मिलनसार था। उसके पिता विक्रमजीत अक्सर बीमार रहते हैं। माता नीलम कुमारी और भाई गणेश परिवार को पालन-पोषण करते हैं।
वहीं, दूसरी तरफ विकसित राणा उर्फ सींढू अपने परिवार में इकलौता बेटा था। डेढ़ साल पहले बीमारी के कारण उसके पिता संजय कुमार की मौत हो गई थी। घर में माता अनिता और दादी मां हैं। जैसे ही दोनों को उसकी मौत की खबर मिली तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनके बुढ़ापे का इकलौता सहारा भी उन्हें छोड़कर चला गया। पीयूष और विकसित राणा आपस में ममेरे भाई थी। दोनों को रील बनाने का शौक था।
इसी शौक के चलते वे दोनों 22 जनवरी को भरमाणी धार में गए थे। जहां पर बर्फबारी के बीच फंस गए। दोनों के परिवार उनके जिंदा लौटने की आस लगाए बैठे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि जो घर से अपने पैरों पर निकले थे, उन्हें अब कंधों पर लाया गया।