संवाद न्यूज एजेंसी
होली (चंबा)। होली उपमंडल के तहत आती ग्राम पंचायत झड़ौता के गांव झड़ौता में भी जोशीमठ जैसे हालात बनते जा रहे हैं। जलविद्युत परियोजना के कारण यहां पर पहले भी भूस्खलन से जमीन और मकान जमींदोज हो चुके हैं। वहीं कुछ माह पहले जल विद्युत परियोजना की टनल में रिसाव के बाद गांव की जमीन समेत मकानों में भी दरारें आ चुकी हैं। इससे ग्रामीणों में काफी खौफ है।
प्रभावित ग्रामीण अपनी मांग जन प्रतिनिधियों, शासन-प्रशासन और विधायक के समक्ष भी उठा चुके हैं। बावजूद इसके अभी तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। सूत्रों के मुताबिक निजी जलविद्युत परियोजना प्रबंधन ने तो फ्रांस से इंजीनियर बुलाकर रिसाव कार्य को बंद करवाने का क्रम शुरू कर दिया है लेकिन प्रभावित गांव रहने लायक रहा है या नहीं, इसका अनुमान लगाने को लेकर कोई भी सुझाव नहीं दिया जा रहा है। हैं। खैर, समय रहते झड़ौता गांव के संरक्षण के लिए प्रयास न किए गए तो यहां भी जोशीमठ से भी बुरे हालात बन सकते हैं।
गौरतलब है कि होली उपमंडल के तहत आने वाले झड़ौता गांव में निजी जल विद्युत परियोजना की टनल में रिसाव से झड़ौता गांव पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। टनल में रिसाव के कारण गांव से दस फीट दूरी पर जमीन में दरारें आ चुकी हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत होली प्रशासन को इसके बारे में अवगत करवाया। उसके बाद बाकायदा राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने गांव का दौरा करने के बाद अपनी रिपोर्ट बनाकर एसडीएम कार्यालय को सौंप दी। रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम भरमौर ने उपायुक्त के माध्यम से भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग की टीम सर्वेक्षण के लिए बुलाई है। बावजूद इसके अभी तक टीम के न पहुंचने से ग्रामीण काफी सहमे हुए हैं। ग्रामीणों राकेश कुमार, नरेश कुमार, प्रकाश चंद, दिलीप कुमार ने बताया कि समय रहते यदि गांव को बचाने के लिए प्रयास न किए गए तो यहां पर भी जोशीमठ जैसे हालात बन सकते हैं जो प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
एसडीएम भरमौर असीम सूद ने बताया कि गांव के भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग की टीम को सर्वेक्षण के लिए बुलाने के लिए लिखा गया है। जैसे ही टीम क्षेत्र में पहुंचेगी, गांव का निरीक्षण कर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।