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इंटरनेट सिग्नल के अभाव में शोपीस बन गई 35 राशन देने वाली पोस मशीनें

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चंबा। जिला के 35 डिपुओं में लगी प्वाइंट ऑफ सेल(पॉस) मशीनें शोपीस बनकर रह गई हैं। इंटरनेट सिग्नल कमजोर होने के चलते इन डिपुओं में मैनुअली ही राशन दिया जा रहा है। इसमें भरमौर, चंबा, तीसा और सलूणी ब्लॉक के सरकारी राशन शामिल हैं। जहां पोस मशीन का प्रयोग नहीं हो पा रहा है।
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राशन के संबंध में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए विभाग की ओर मैनुअली राशन देने के आदेश डिपो होल्डरों को दिए गए हैं, जबकि जिला के अन्य डिपुओं में पोस मशीनों से ही राशन आवंटित किया जा रहा है। सरकार की ओर से राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए डिजीटाइजेशन किया है। इसके तहत डिपुओं में पॉस मशीनें स्थापित की गई हैं। पोस मशीनों के जरिये राशन कार्ड उपभोक्ताओं को राशन का आवंटन किया जा रहा है, लेकिन जिला की भौगोलिक परिस्थितियां सरकार के डिजीटाइजेशन अभियान पर रुकावट बन रही हैं। गौरतलब है कि जिला चंबा में 500 से अधिक राशन डिपो हैं। इनमें जनजातीय क्षेत्र भरमौर, तीसा, चंबा और सलूणी के 35 राशन डिपो ऐसे हैं, जहां इंटरनेट सेवाएं तो दूर, दूरसंचार सेवाएं भी नहीं हैं। ऐसे में एक तरफ जहां जिला के शहरी एरिया में 4जी इंटरनेट सेवा है तो वहीं दूसरी तरफ कई ऐसे इलाके है जहां, राशन वितरण करने के लिए पोस मशीनों को इंटरनेट सिग्नल नहीं मिल पा रहा है। बहरहाल सरकार की ओर से किए जा रहे डिजीटाइजेशन प्रभावित हो रहा है।
इससे पहले शिक्षा विभाग ने भी बायोमीट्रिक मशीनें लगाने के प्रयास शुरू किए थे, लेकिन करीब नौ स्कूलों का स्टेटस नो नेटवर्क रहा। इस कारण शिक्षा विभाग का यह कार्य भी लटका पड़ा है।
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35 डिपो में आ रही दिक्कत
जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग चंबा के नियंत्रक अरविंद शर्मा ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जिला चंबा के 35 ऐसे डिपो हैं, जहां पॉस मशीनों से राशन वितरित नहीं हो रहा है। इन क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं मजबूत नहीं है। ऐसे में पोस मशीनें सिग्नल की रेंज में नहीं है। कहा कि इन क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को मैनुअली राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है।
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