चंबा। ग्राम पंचायत मैहला में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रशासन की कार्रवाई आगे बढ़ रही है।
आउटसोर्सिंग पर तैनात कनिष्ठ अभियंता को बर्खास्त करने और दो कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद अब पंचायत प्रधान को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की ओर से जारी नोटिस में नियमित जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रधान के खिलाफ सात आरोप प्रथम दृष्टया सिद्ध पाए जाने का उल्लेख किया गया है। मामला मुख्य रूप से इंटरलॉक टाइल की खरीद और भुगतान से संबंधित है।
नोटिस के अनुसार शिकायत मिलने पर प्रारंभिक जांच करवाई गई थी। इसमें आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 के तहत नियमित जांच के आदेश दिए गए। उपमंडल अधिकारी नागरिक चंबा की ओर से नौ मार्च 2026 को प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में सात आरोप सिद्ध पाए गए।
जांच में आरोप लगाया गया है कि पंचायत ने सामग्री प्राप्त किए बिना ही इंटरलॉक टाइल की खरीद के लिए 42 लाख 48 हजार 300 रुपये का भुगतान कर दिया। इसके अलावा निविदा प्रक्रिया अपनाए बिना अग्रिम भुगतान करने और इंटरलॉक टाइल का मूल्य 35 रुपये प्रति टाइल निर्धारित करने पर भी सवाल उठाए गए हैं। जांच रिपोर्ट में इन आरोपों को सिद्ध पाया गया। इन तथ्यों के आधार पर प्रधान को पहले 28 अप्रैल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, उच्च न्यायालय के सात मई 2026 के निर्णय के अनुपालन में संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर देते हुए अब पुन: कार्रवाई की जा रही है। नोटिस में प्रधान को निर्देश दिए गए हैं कि वह इसकी प्राप्ति के 15 दिन के भीतर जिला पंचायत अधिकारी के माध्यम से अपना लिखित जवाब प्रस्तुत करें। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं देने पर प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी दी है।