चंबा। मिंजर मेले के दौरान खाद्य पदार्थ बेचने से पहले दुकानदारों को स्वास्थ्य विभाग से फूड लाइसेंस लेना होगा। फूड लाइसेंस न होने पर दुकानदारों के चालान किए जाएंगे। दुकानदारों से एक हजार से पांच हजार रुपये तक जुर्माना वसूला जा सकता है।
इसके लिए विभाग ने सभी दुकानदारों को हिदायत दे दी है। खाने की दुकानों में साफ-सफाई की भी उचित व्यवस्था रखनी होगी। मेले के दौरान बाहरी जिलों से लेकर चंबा जिले के दर्जनों दुकानदार खाद्य पदार्थ बेचने के लिए स्टॉल लगाते हैं। इनमें वे तब तक अपने उत्पाद नहीं बेच पाएंगे, जब तक फूड लाइसेंस नहीं ले लेते। इन दुकानों में बिकने वाले खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता जांचने के लिए स्वास्थ्य विभाग नियमित रूप से सैंपल भी लेगा। इसमें खुले खाद्य पदार्थों से लेकर पैकेट बंद खाद्य पदार्थों की भी सैंपलिंग की जाएगी। यदि कोई खाद्य पदार्थ गुणवत्ता में खरा नहीं उतरता या उसका सैंपल फेल निकलता है तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मिंजर मेले के दौरान लगने वाली खाने की दुकानों में साफ-सफाई की भी उचित व्यवस्था रखनी होगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम नियमित रूप से जांच करेगी। जो दुकानदार सफाई व्यवस्था को लेकर अच्छे प्रबंध नहीं रखता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मेले के दौरान हजारों लोग पहुंचते हैं। अधिकतर लोग इन दुकानों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं। ऐसे में यदि किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता ठीक नहीं होती है तो उसे खाने वाले लोग बीमार भी पड़ सकते हैं। इसको लेकर विभाग ने पहले ही सभी दुकानदारों को सचेत कर दिया है।
उधर, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा चंबा दीपक आनंद ने बताया कि मिंजर मेले में खाद्य पदार्थ बेचने वाले दुकानदारों को फूड लाइसेंस बनाना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने वाले दुकानदारों के चालान काटे जाएंगे। नियमित रूप से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता भी जांची जाएगी।