सलूणी (चंबा)। विकास खंड सलूणी के तहत लगभग सात राजकीय प्राथमिक विद्यालय प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रहे हैं। बीते छह माह से इन स्कूलों में स्थायी अध्यापक नहीं हैं।
हालांकि, स्कूल प्रबंधन समिति ने कई बार बीईईओ को इस बारे में प्रस्ताव भेजा है, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। जो अध्यापक तैनात थे, उनका भी तबादला कर दिया गया है। इससे यह साबित हो रहा है कि सरकार को बच्चों के भविष्य से कोई लेना-देना नहीं है।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय सलूणी में 150 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने पहुंचते हैं। इनमें कोई स्थायी अध्यापक नहीं है। इसको लेकर स्कूल प्रबंधन समिति ने एसडीएम सलूणी के माध्यम से सरकार को स्कूल में अध्यापकों की तैनाती को लेकर प्रस्ताव भेजा। इसमें उन्होंने दीपावली की छुट्टियां खत्म होने तक स्कूल में अध्यापकों की तैनाती करने की मांग उठाई। साथ ही धरना-प्रदर्शन करने की भी चेतावनी दी।
सलूणी स्कूल के एसएमसी अध्यक्ष संतोष कुमार, सदस्यों में राजेंद्र कुमार, संदीप कुमार, सनी कुमार, किरण कुमारी, रीनू कुमारी और पुष्पा कुमारी ने कहा कि सलूणी सहित छह प्राथमिक स्कूलों में स्थायी अध्यापक नहीं हैं। हर दिन अध्यापक बदल-बदल कर आते हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग उठाई है कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय सलूणी, निरोई, जटोता सहित तीन अन्य स्कूलों में स्थायी अध्यापकों की तैनाती की जाए।