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एकलव्य आदर्श आवसीय विद्यालय को होली बदलने को लेकर लामबंद हुए लोग

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भरमौर (चंबा)। जिला चंबा के भरमौर में केंद्रीय जनजातीय विकास मंत्रालय की ओर से मंजूर एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय को खंणी से होली की तरफ बदलने को लेकर लोग लामबंद होने शुरू हो गए हैं। इस संबंध में बुधवार को खंणी पंचायत के उपप्रधान रिंकेश ठाकुर की अध्यक्षता में आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। बैठक में खंणी से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय को दूसरी जगह न बदलने का निर्णय लिया गया।
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उपप्रधान ने बताया कि इस संदर्भ में जल्द ही प्रधानमंत्री, केंद्रीय जनजातीय विकास मंत्रालय, मुख्यमंत्री और विधायक को पत्र लिखकर अवगत करवाया जाएगा। इसके बावजूद एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय को दूसरी जगह बदलने की कोशिश की गई तो धरना प्रदर्शन करने से भी गुरेज नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि डेढ़ दशक से करीब पहले हिमाचल प्रदेश के किन्नौर और भरमौर के लिए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय खोलने की मंजूरी दी गई थी, तब किन्नौर में तो विद्यालय खुल गया, लेकिन भरमौर में इसी साल अक्तूबर मे कक्षाएं शुरू हो पाई हैं। भरमौर के खंणी में शुरुआती तौर में गुरुकुल आवास में छठी कक्षा शुरू हो पाई हैं। जबकि नए भवन के लिए खंणी में जगह का चयन किया गया। जिस स्थान पर जगह का चयन किया, वहां पर कुछ पेड़ों को भी काटा गया था, लेकिन अब बताया जा रहा है कि नए भवन के लिए जिस जगह का चयन किया गया है वह कम है। हाल ही में आईसीपीडब्ल्यूडी टीम ने भी भूमि को रिजेक्ट किया है और नई भूमि की तालाश की जा रही है । पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन इकाई के प्रेस सचिव गोपाल ठाकुर ने खंणी से दूसरी जगह भूमि का चयन करने का विरोध जताया है। बैठक में वार्ड सदस्य सतीश कुमार, सेवा दल के उप प्रधान बलि राम,पूर्व उप प्रधान अर्जुन सिंह, हरि सिंह, हाक्म सिंह, विजय कुमार, केवल सिंह, राजेश कुमार, मदन सिंह, चरण सिंह, मिलाप सिंह, मुंशी राम, जय प्रकाश, भूरी सिंह, शाक्ति प्रसाद, कमलेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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लोग भूमि देंगे तो खंणी में ही बनेगा स्कूल
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पृथी पाल सिंह ने बताया कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के लिए 75 बीघा जमीन चाहिए। जो खंणी में भूमि भवन की बताई गई है, वह बहुत कम है। अगर लोग अपनी भूमि देते हैं तो खंणी में ही विद्यालय का निर्माण किया जाएगा। भवन के तय नियम के मुताबिक भूमि मिलते ही केंद्रीय मंत्री की ओर से भवन का शिलान्यास किया जा सकता है।
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