क्षेत्रीय अस्पताल चंबा में चल रही दवाई की सिविल सप्लाई की दुकान पर वीरवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दबिश देकर दवाइयों की पूरी जांच पड़ताल के साथ बिलों का पूरा रिकॉर्ड खंगाला।
इसके अलावा दवाइयों के चार सैंपल भी भरे गए। जिन्हें जांच के लिए कंडाघाट प्रयोगशाला भेजा गया। जांच पड़ताल के दौरान दवाइयों के बिलों में बरती गई अनियमितताओं को जल्द सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान सिविल सप्लाई की दुकान में रखी दवाइयों को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए।
साथ ही दवाइयों के भंडारण में सुधार लाने को कहा गया। ड्रग इंस्पेक्टर ने सिविल सप्लाई दुकान होल्डर को निर्देश दिए कि दुकान का साइज बढ़ाकर खुला किया जाए। मौजूदा समय में दुकान काफी तंग जगह में चल रही है। जो स्वास्थ्य विभाग के रूल और एक्ट में फिट नहीं बैठती।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मरीज को दवाई के साथ दिए जाने वाले बिल में दुकान होल्डर के साइन होने चाहिए। साथ ही उसकी एक हार्ड कॉपी भी दुकान के रिकॉर्ड में होना आवश्यक है। अगर रिकॉर्ड में दवाई के बिल की कॉपी नहीं पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा यह भी निर्देश दिए गए कि जो दवाइयां सरकार द्वारा प्रतिबंधित की गई हैं, उन्हें किसी भी हालत में मरीजों को नही दिया जाए। इसके अलावा डॉक्टर की पर्ची के बिना किसी प्रकार की नशीली दवा नहीं आवंटित की जाए।
ड्रग इंसपेक्टर नरेंद्र ठाकुर ने बताया कि सिविल सप्लाई की दुुकान से दवाई के चार सैंपल भरे गए हैं। यह सैंपल लोगों से मिल रही शिकायतों के आधार पर भरे गए हैं। जिन्हें जांच के लिए कंडाघाट प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। वहां से आने वाली रिपोर्ट के उपर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस दौरान दुकान के रिकॉर्ड में सुधार लाने के भी निर्देश दिए गए।