भरमौर (चंबा)। राजस्थान से हिमाचल में बड़े पैमाने पर भेड़-बकरियों की बिक्री स्थानीय पशुपालकों के लिए संकट बन चुकी है। भरमौर-पांगी के विधायक डॉ. जनक राज ने कहा कि यदि सरकार ने इस अनियंत्रित आवक को रोकने के लिए तुरंत कदम नहीं उठाए तो प्रदेश का पारंपरिक भेड़पालन व्यवसाय खत्म होने के कगार पर पहुंच जाएगा।
उन्होंने कहा कि राजस्थान से बिना सत्यापन, बिना नीति के आ रहे पशु स्थानीय बाजार पर कब्जा कर रहे हैं। इससे हिमाचल के भेड़पालकों की आय, बाजार और भविष्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सरकार की चुप्पी इस स्थिति को और भयावह बना रही है। हिमाचली भेड़-बकरियों का मूल्य गिर रहा है। यह न केवल स्थानीय नस्लों के संरक्षण के खिलाफ है बल्कि इससे पशु रोग और संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ रहा है, जिस पर सरकार को तुरंत वैज्ञानिक और कानूनी नियंत्रण लागू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और पशुपालन विभाग इस मामले पर तुरंत बैठक बुलाएं और स्थानीय पशुपालकों को आर्थिक एवं कानूनी सुरक्षा प्रदान करें, अन्यथा वह आंदोलन का समर्थन करने को बाध्य होंगे।