चंबा। जिंदगी के 33 से 40 साल प्रदेश की तरक्की पर न्योछावर करने के बाद भी विद्युत बोर्ड के पेंशनरों के 10 वर्षों के लंबित वित्तीय लाभ का भुगतान न होना उनके साथ बड़ा छलावा है। नतीजतन बुढ़ापे के पड़ाव पर पेंशनरों को दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। यह बात हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड पेंशनर कल्याण संगठन के अध्यक्ष मुकेश बेदी, महासचिव दलीप चोणा, उपाध्यक्ष हरिंद्र सिंह और अतिरिक्त महासचिव बुधिया राम ने संयुक्त बयान में कही।
उन्होंने कहा कि सरकार पेंशनरों के वित्तीय देय लाभ प्रदान न कर उनमें आक्रोश भरने का काम कर रही है। यदि आगामी समय में उनकी मांगें पूरी न हुई तो वे सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे। पेंशनरों के वर्ष 2016 से 2025 तक के वित्तीय लाभ लंबित पड़े हुए हैं। चिकित्सा भत्ता, ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट, डीए का एरियर भी पेंशनरों को नहीं मिल पाया है। सरकार सभी प्रकार के लाभ जल्द प्रदान करे।