चंबा। परिवहन निगम की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। लंबे रूट पर संचालित एक चंडीगढ़ बस में नियमित रूट बोर्ड की जगह साधारण गत्ते का टुकड़ा लगाया गया, जिस पर हाथ से रूट का नाम लिखा था। यह स्थिति केवल एक बस तक सीमित नहीं, बल्कि कई रूटों पर ड्राइवर और कंडक्टर मजबूरी में गत्ते या कागज पर रूट नंबर लिखकर बसों पर लगा रहे हैं।
यात्री विशाल कुमार, अमन कुमार, धीरज कुमार, साहिल कुमार और जतिन सिंह ने बताया कि ऐसे अस्थायी गत्ते के बोर्ड दूर से दिखाई नहीं देते। इससे बस स्टॉप पर खड़े यात्रियों में भ्रम की स्थिति बनती है और कई बार उनकी बस छूट जाती है। उनका कहना है कि निगम की यह लापरवाही रोजाना परेशानी का कारण बन रही है, जबकि रूट बोर्ड वाहन पहचान का सबसे बुनियादी साधन है।
वहीं, एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने बताया कि रूट बोर्डों की कमी और कुछ टूटी प्लेटों की मरम्मत का कार्य जारी है। इसलिए अस्थायी व्यवस्था अपनाई गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्या का समाधान शीघ्र ही किया जाएगा।