चंबा और पांगी के बीच जून के पहले सप्ताह में संपर्क बहाल हो सकता है। करोड़ों रुपये की लागत से लोनिवि 14,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित साच पास से बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया है। टनों के हिसाब से बर्फ को हटाकर नीचे से चंबा-पांगी वाया साच पास मार्ग को बहाल किया जा रहा है।
मौजूदा समय में सतरूंडी तक मार्ग को बहाल किया जा चुका है। ऐसे में अगर मौसम के मिजाज सही बने रहे तो साच पास के टॉप तक पहुंचने में देरी नहीं लगेगी जबकि पांगी की ओर से भी टॉप तक पहुंचने की जद्दोजहद जारी है। सभी का एक ही लक्ष्य है, चंबा-पांगी के बीच की इस भाग्य रेखा से शीघ्र सारी बाधाएं हटाई जाएं। गौरतलब है कि चंबा से पांगी का यातायात सर्दियों के दौरान हवाई सेवा तो गर्मियों दौरान साच पास मार्ग से चलता है। इसके अलावा वाया जेएंडके व कुल्लू मनाली होकर पांगी पहुंचा जा सकता है। परंतु यह सफर काफी खर्चीला होने के साथ बहुत खतरनाक और थका देने वाला भी है।
ऐसे में गर्मियों के मौसम में पांगी का प्रदेश के साथ लगभग 70 प्रतिशत यातायात वाया पांगी होना लाजमी हो पाता है। चंबा से पांगी का सफर साच पास के माध्यम से महज 127 किलोमीटर की दूरी तय करके किया जा सकता है। ऐसे में अब पांगी घाटी के बाशिंदों की सारी नजरें मौसम की मेहरबानी और लोनिवि की रफ्तार पर टिकी हुई हैं।
लोक निर्माण विभाग को दिए निर्देश : एसडीएम
एसडीएम पांगी कर्म सिंह चौधरी ने बताया कि चंबा-पांगी वाया साच पास मार्ग पांगी से जिला मुख्यालय तक पहुंचने का सबसे कम दूरी का मार्ग है। लोनिवि इस काम को अंजाम में देने में दिन-रात लगा हुआ है। जून माह में लोग वाहनों के माध्यम से साच पास मार्ग से यात्रा कर सकेंगे।