क्षेत्र की 15 पंचायतों के लोगों ने खोला मोर्चा, सीएम को भी भेजा ज्ञापन
चंबा महाविद्यालय में भलेई कॉलेज का विलय करने के विरोध में उतरे लोग
बोले- खाली पद भी भरें, एक ही प्राध्यापक के सहारे चल रहा था भलेई कॉलेज
संवाद न्यूज एजेंसी
तेलका (चंबा)। राजकीय महाविद्यालय भलेई को चंबा कॉलेज में मर्ज करने के सरकार के फैसले के खिलाफ क्षेत्र की 15 पंचायतों के लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने एसडीएम सलूणी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर कॉलेज को पूर्व स्थिति में बहाल करने और प्राध्यापकों के खाली पद भरने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि दस दिन के भीतर कॉलेज को बहाल नहीं किया गया तो भलेई नाला मुख्य मार्ग पर चक्का जाम किया जाएगा। वर्ष 2017 में तत्कालीन सरकार ने क्षेत्र के विद्यार्थियों को घर-द्वार के नजदीक उच्च शिक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से स्वीकृति दी थी। इससे भलेई, बरंगाल, वांगल, ओहरा, सिमणी, शेरपुर, नडल, भुनाड़, गुवालु, ठाकरीमट्टी, सुंइला, चंडी, लडौंग, चकलू सहित करीब 15 पंचायतों के विद्यार्थियों को लाभ मिल रहा था।
भलेई के प्रधान पवन कुमार, उपप्रधान भूपेद्र कुमार, राज कुमार, अमित कुमार ने कहा कि भवन के लिए सरकार की ओर से करीब 5.5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। स्थानीय लोगों ने कॉलेज के लिए 6.5 बीघा निजी भूमि भी दान की थी। ऐसे में कॉलेज को मर्ज करने का फैसला क्षेत्र के लोगों के हितों के खिलाफ है। कॉलेज शुरू होने के समय विद्यार्थियों की संख्या करीब 175 थी जिसमें लगभग 140 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही थीं। कॉलेज में पर्याप्त स्टाफ भी तैनात था लेकिन वर्ष 2022 के बाद अधिकांश कर्मचारियों और प्राध्यापकों का तबादला कर दिया गया। इसके बाद कॉलेज मात्र एक प्राध्यापक के सहारे चलता रहा। स्टाफ की कमी के कारण विद्यार्थियों को मजबूरन दूसरे कॉलेजों में माइग्रेशन करवानी पड़ी, मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा कि भलेई क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए चंबा, सलूणी, तेलका और बनीखेत कॉलेज करीब 30 किलोमीटर दूर हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में कॉलेज का होना बेहद जरूरी है।