चंबा। भरमौर-पठानकोट एनएच सहित 33 मार्गों पर बुधवार को वाहनों की रफ्तार थम गई। जिला की ऊपरी चोटियों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में होने वाली मूसलाधार बारिश के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों को मीलों पैदल सफर तय कर अपने गंतव्यों तक पहुंचना पड़ा। वहीं, दूसरी और बर्फबारी और बारिश के बाद जिला में शीतलहर का भी प्रकोप जारी हैं।
बता दें कि जिला में देररात से ही पर्यटन नगरी डलहौजी, खज्जियार, भरमौर, होली, तीसा, पांगी, सलूणी और किहार की ऊपरी चोटियों में दो से दस इंच तक ताजा बर्फबारी हुई। वहीं, जिला में पूरा दिन भर बारिश का क्रम जारी रहा। बर्फबारी और बारिश के चलते जनजातीय क्षेत्र पांगी में बिजली-पानी की सप्लाई भी बंद पड़ गई है। इसके अलावा जनजातीय क्षेत्र पांगी के 15 मार्गों में ग्रेफ सेक्शन से बस स्टैंड, बस स्टैंड से हेलीपैड, किलाड़ से सेचू, लुज, हरतवास, सुराल, हुड़ान, चस्क, सूण, कुमार,परमार, रैई, करयास, भुटोरी पर वाहनों की रफ्तार थम गई। जिसमें से देर शाम तक लोनिवि की मशीनरी ने 80 प्रतिशत मार्गों को यातायात के लिए सुचारु कर दिया। ये पहला अवसर है, जब जनवरी माह में भी किलाड़ मुख्यालय के मार्गों को लोनिवि द्वारा यातायात के लिए सुचारु करवाया गया है। इसके अलावा मंडल चंबा के तहत आते जोत, जांघी-लिल्ह, साहो, सिल्लाघ्राट, कीडी, जुम्महार सिढकुंड, कैला, कोलका मार्ग भी भूस्खलन होने से वाहनों के लिए बंद पड़ गए। तीसा मंडल के तहत खखड़ी, खरोटी, चुनास, मंगली, बलि घराट-छतरी, खखड़ी-आयल, जखरालघार-सुखधार, देवीकोठी-टेपा मार्ग बंद पड़ गए। वहीं, दूसरी ओर मार्गों के बंद पड़ जाने से लोगों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ा।
लोनिवि मंडल चंबा-पांगी के अधिशासी अभियंता जीत सिंह ठाकुर ने बताया कि चंबा में 10 और पांगी में 15 मार्ग भूस्खलन से बाधित हुए। जिनमें से 80 प्रतिशत मार्गों को देरशाम तक यातायात के लिए बहाल कर दिया गया।
लोनिवि तीसा अधिशासी अभियंता दीपक महाजन ने बताया कि क्षेत्र में 8 मार्ग यातायात के लिए बंद पड़े थे। जिन्हें दोपहर बाद तक यातायात के लिए सुुचारु किया गया।