चंबा। मिड हिल्स यानी मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में उच्च मूल्य वाले फलों की खेती का सफल उदाहरण पेश करते हुए सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक राम रतन ने नई राह दिखाई है। चंबा शहर के मोहल्ला मुगला के निवासी राम रतन ने सेवानिवृत्ति के बाद अपने खेत में सेब, अमरूद, कीवी, सिट्रस और ड्रैगन फ्रूट जैसे कई फलों की बहु-विविधता प्रणाली को अपनाकर मिड हिल्स में फल खेती को नई दिशा दी है।
उनके प्रयासों से साबित हो गया है कि चंबा के मध्य पर्वतीय क्षेत्र में भी उच्च मूल्य वाले फलों की खेती लाभदायक हो सकती है। उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. शाह ने राम रतन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि वैज्ञानिक पद्धतियों का पालन कर किसानों की आमदनी में सुधार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि चंबा क्षेत्र की जलवायु विभिन्न फलों के लिए अनुकूल है और उचित तकनीकी मार्गदर्शन से किसान अपनी आजीविका बेहतर कर सकते हैं।
ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए जरूरी टिप्स
उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. शाह ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए ऐसे स्थान का चयन करना चाहिए, जहां पौधों को प्रतिदिन 6 से 8 घंटे तक सीधी धूप मिले। पौधों के लिए अच्छी जल निकासी बेहद जरूरी है क्योंकि पानी का ठहराव पौधों के लिए हानिकारक हो सकता है। बेलों को ऊपर बढ़ाने के लिए मजबूत सीमेंट या पत्थर के खंभे लगाने चाहिए। सिंचाई संतुलित तरीके से करनी चाहिए। सिंचाई गर्मी में हल्की-हल्की, लेकिन नियमित और सर्दियों में कम हो। जैविक खाद का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए, जैसे कि हर पौधे को साल में दो-तीन बार गोबर की सड़ी खाद या कंपोस्ट देना फायदेमंद रहता है। ठंडे इलाकों में फलधारण सुधारने के लिए हाथ से परागण का प्रयोग प्रभावी होता है। राम रतन के सफल अनुभव और तकनीकी सुझावों से यह क्षेत्र फल खेती में नई क्रांति की ओर बढ़ रहा है, जिससे किसानों की आमदनी और जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद बढ़ गई है।