पर्ची पर घर ले जाने की व्यवस्था बंद, दवा के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए लिया फैसला
चंबा नशा मुक्ति केंद्र में 100 से अधिक युवा पंजीकृत, सप्ताहभर की दवा देने की व्यवस्था खत्म
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। नशे की लत छुड़ाने के लिए दी जाने वाली दवा अब मरीजों के हाथ में नहीं, बल्कि डॉक्टर की निगरानी में रहेगी। मेडिकल कॉलेज चंबा के नशा मुक्ति केंद्र में पंजीकृत युवाओं को अब दवा की खुराक मनोचिकित्सक के सामने ही लेनी होगी।
दवा के संभावित गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए केंद्र से आई टीम ने यह नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं।
कुछ दिन पहले केंद्र की टीम ने मेडिकल कॉलेज के नशा मुक्ति केंद्र और मनोरोग ओपीडी का निरीक्षण किया था। इस दौरान सामने आया कि पर्ची के आधार पर घर ले जाने वाली दवा का कुछ युवा कथित तौर पर नशे के लिए दूसरे युवाओं को बेच रहे थे। इसके बाद टीम ने चिकित्सक को दवा मरीज को केंद्र में ही खिलाने के निर्देश दिए।
100 से अधिक युवा पंजीकृत
नशा मुक्ति केंद्र में वर्तमान में 100 से अधिक युवा पंजीकृत हैं। पहले मरीजों को एक सप्ताह की दवा साथ ले जाने के लिए दी जाती थी। नई व्यवस्था के तहत अब मरीज को निर्धारित खुराक लेने के लिए केंद्र पहुंचना होगा और चिकित्सक की मौजूदगी में ही दवा खानी होगी।नई व्यवस्था से दवा की खुराक पर निगरानी रखी जा सकेगी और उसके गलत इस्तेमाल की आशंका कम होगी। साथ ही चिकित्सक उपचार की प्रगति पर भी नजर रख सकेंगे।
केंद्र से आई टीम ने नशे की लत छुड़ाने के लिए दी जाने वाली दवा की नई व्यवस्था बनाई है। इसके तहत अब युवाओं को केंद्र में बुलाकर चिकित्सक की मौजूदगी में दवा दी जा रही है। - डॉ. नीरज शर्मा, मनोचिकित्सक