चंबा। जिला को भांग मुक्त करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 14 से 30 जून तक चलने वाले भांग उखाड़ो अभियान में अब पंचायतों की जवाबदेही भी निर्धारित की गई है। इतना ही नहीं, पंचायतों में 16 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के तहत भांग के पौधों को उखाड़ कर पूरी तरह से नष्ट करना होगा। साथ ही अभियान के दौरान की जाने वाली कार्यवाही की दैनिक रिपोर्ट व फोटो पटवारियों व पंचायत प्रतिनिधियों को अपने आलाधिकारियों को भेजने होंगे। जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए इस अभियान का मुख्य मकसद जिला से भांग का पूरी तरह से सफाया करना है।
गौर रहे कि जिला की 309 पंचायतों के दायरे में आने वाले परिक्षेत्र में भांग के पौधों का इस्तेमाल लोग चरस के रूप में करते हैं। जिससे घरेलू हिंसा सहित अन्य प्रकार की वारदातों को भी बढ़ावा मिलता है। ऐसे में जिला प्रशासन ने भांग के पौध को ही नष्ट करने का निर्णय लिया है। जिससे जिला को भांग मुक्त किया जा सके। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने पंचायतों की भी जवाबदेही सुनिश्चित की है। पंचायत प्रतिनिधि, युवक, महिला मंडलों के सहयोग से भांग उखाड़ो अभियान शुरू करेंगे। विशेषकर इस अभियान में कोविड प्रोटोकॉल जैसे सामाजिक दूरी, मास्क व सैनिटाइजर इत्यादि का पालन करना जरूरी होगा। अभियान के दौरान पंचायत क्षेत्र में भांग के पौधे नहीं दिखने चाहिए। अभियान की समाप्ति पर पटवारी द्वारा प्रमाणपत्र भी जारी किया जाएगा कि पंचायत में कोई भी भांग का पौधा नहीं हैं। ऐसे में पंचायत में भांग के पौधे पाए जाने पर सभी प्रकार की जिम्मेवारी पंचायतों की होगी।
पंचायत परिक्षेत्र में पंचायत प्रतिनिधि, युवक-महिला मंडलों के पदाधिकारी, सदस्य भांग उखाड़ेंगे तो वहीं वन विभाग के परिक्षेत्र में ये कार्य वन विभाग द्वारा निर्धारित किया जाएगा। जिसमें पंचायतों की जिम्मेवारी निर्धारित नहीं होगी।
ग्रामीण क्षेत्र से भांग को खत्म करवाना ही प्रशासन का लक्ष्य
एडीएम चंबा मुकेश रेपस्वाल ने कहा कि 14 से 30 जून तक पंचायत स्तर पर भांग उखाड़ो अभियान चलाया जाएगा। जिसमें पंचायतों की जिम्मेवारी निर्धारित की गई है। कोविड नियमों का पालन करते हुए इस कार्य को अंजाम दिया जाएगा। प्रतिदिन की रिपोर्ट और फोटो उच्चाधिकारियों को भेजना सुनिश्चित करना होगा। ग्रामीण क्षेत्र से भांग को जड़ से खत्म करवाना ही प्रशासन का लक्ष्य है।