ग्रामीण बोले- चार सालों से आ रही दिक्कत, नहीं किया जा रहा फिल्टर
पंचायत में बीमारी फैलने का डर, विभाग से समस्या के समाधान की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
मैहला (चंबा)। मैहला पंचायत के ग्रामीण पिछले चार वर्षों से मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार मैहला खड्ड से सप्लाई किया जाने वाला पानी बारिश के दिनों में और अधिक दूषित हो जाता है।
इससे लोग बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि मजबूरी में उन्हें पानी उबालकर पीना पड़ता है। बिना फिल्टर का यह पानी सीधे उपयोग के लायक नहीं होता। लोगों ने कहा कि गंदा पानी पीने से बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता है और वे सुरक्षित पेयजल से वंचित हैं। इस समस्या को लेकर कई बार जलशक्ति विभाग को अवगत करवाया गया लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। लोगों का कहना है कि विभाग अलग-अलग तर्क देकर समस्या से पल्ला झाड़ लेता है।
ग्रामीणों में राकेश कुमार, विशाल कुमार, इशु कुमार, नरेंद्र कुमार और उमेश कुमार ने बताया कि मैहला पंचायत की लगभग 1800 की आबादी इस समस्या से प्रभावित है। विभाग की ओर से लगाए गए टैंकों में फिल्टर सिस्टम तक नहीं है। इस कारण सीधे खड्ड का पानी सप्लाई किया जा रहा है। पहले ग्रामीणों को प्राकृतिक स्रोत से साफ पानी मिलता था लेकिन अब स्थिति खराब हो गई है। ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि इस समस्या का जल्द स्थायी समाधान किया जाए ताकि उन्हें गंदा पानी पीने की मजबूरी से राहत मिल सके और स्वास्थ्य संकट से बचाव हो सके। जलशक्ति विभाग के सहायक अभियंता मनोज कुमार ने कहा कि समस्या के समाधान के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।