चंबा। टूर्नामेंट के दौरान खेलकूद प्रतियोगिताओं में डीपीई और पीईटी अध्यापकों की ड्यूटी लगाई जाती है लेकिन इस बार मिंजर मेले में हो रही विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं में टीजीटी, जेबीटी और प्रवक्ताओं सहित पशुपालन विभाग के चिकित्सक और फायर स्टेशन में तैनात कर्मचारियों की ड्यूटियां लगा दी गई हैं। एक तरफ जहां शीतकालीन सत्र के सरकारी स्कूलों में तैनात अध्यापकों की ड्यूटी खेलकूद गतिविधियों में होने के चलते पढ़ाई प्रभावित हो रही है तो वहीं, दूसरी ओर अन्य विभागों में कार्यरत कर्मचारी भी खेलकूद गतिविधियों में व्यस्त होने से लोगों को परेशानी हो रही है।
हालांकि, आयोजन समिति की ओर से स्कूलों से डीपीई और पीईटी अध्यापकों की ड्यूटी भी लगाई गई है लेकिन टीचिंग स्टाफ की ड्यूटी लगाना समझ से परे है। इसके अलावा स्कूलों में वोकेशनल विषय पढ़ाने वाले ट्रेनरों की भी ड्यूटी खेलकूद गतिविधियों में लगाई गई है। गौरतलब है कि मिंजर मेले के दौरान क्रिकेट, हॉकी, फुटबाल, वॉलीबाल, कबड्डी राइफल शूटिंग, बैडमिंटन, स्नूकर, चेस और टेबल टेनिस आदि प्रतियोगिताएं करवाई जाती हैं लेकिन इन खेलों के लिए पशुपालन विभाग में तैनात चिकित्सक और टीचिंग स्टाफ की क्या भूमिका है। शीतकालीन सत्र के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई जारी है। यहां से भी शिक्षकों को खेलकूद गतिविधि में ड्यूटी देने के लिए भेजा गया है जबकि अधिकतर शीतकालीन सत्र के सरकारी स्कूलों में स्टाफ की कमी है। उच्च शिक्षा उपनिदेशक चंबा प्यार सिंह चाढ़क का कहना है कि खेलकूद गतिविधियों के लिए कोई विभाग से कोई मांग नहीं की गई। उन्होंने कहा कि ड्यूटी आयोजन समिति की ओर से लगाई गई है।