चंबा। निजी भूमि में कशमल की जड़ें निकालने का परमिट जारी करने से पहले वन परिक्षेत्र अधिकारी निजी भूमि का औचक निरीक्षण करेगा। वह रिपोर्ट तैयार करेगा कि निजी भूमि का परिक्षेत्र कितना है और इसमें कितनी कशमल की जड़ें लगी हैं।
इसी रिपोर्ट के आधार पर ठेकेदार को निजी भूमि से कशमल की जड़ें निकालने का परमिट दिया जाएगा। निजी भूमि में यदि 100 कशमल की जड़ें लगी होंगी तो उसमें 60 जड़ें निकालने की ही अनुमति ठेकेदार को दी जाएगी। इससे ज्यादा जड़ें निकालने पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कशमल की सारी जड़ें यदि भूमि से निकाल ली जाएं तो भूमि कटाव की संभावना बढ़ जाती है। वन विभाग अब इस मामले में सख्त हो गया है। परमिट होने के बावजूद ठेकेदार सरकारी भूमि से कशमल की एम भी जड़ नहीं उखाड़ सकता है। निजी भूमि में भी 100 में से 60 प्रतिशत ही कशमल की जड़ें उखाड़ने की अनुमति दी जाएगी।
वन मंडल चुराह में पिछले दिनों निजी और वन भूमि से भारी संख्या में कशमल की जड़ें उखाड़ी गई हैं। इस पर वन विभाग ने जांच बैठा दी है। विभाग ने रेंज अफसरों को आदेश दिए हैं कि वे परमिट वाले क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे। यह बात भी सुनिश्चित करेंगे कि निजी भूमि से ठेकेदार 100 प्रतिशत ही कशमल की जड़ों को तो नहीं निकाल रहा है। ठेकेदार ऐसा करता है तो विभाग उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
वन मंडल अधिकारी चुराह सुशील कुमार गुलेरिया ने बताया कि रेंज अफसर परमिट जारी करने से पहले निजी भूमि में जाकर कशमल की जड़ों की संख्या को लेकर रिपोर्ट तैयार करेंगे। यह भी सुनिश्चित करना होगा कि ठेकेदार निजी भूमि से सभी कशमल की जड़ों को न उखाड़े। आदेशों की अवहेलना करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।