चंबा। जिले में बरसात के मौसम में अधिक बिकने वाली दवाइयों की गुणवत्ता की स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। विभाग की टीम ने सलूणी, चंबा और सरोल में स्थित दवा स्टोरों से आठ दवाइयों के सैंपल लेकर जांच के लिए कंडाघाट स्थित सरकारी लैब में भेजे हैं। इस दौरान खांसी की सिरप, एंटीबायोटिक, एलर्जी और दर्द निवारक दवाइयों की विशेष रूप से जांच की जा रही है। विभाग का कहना है कि खांसी की सिरप का नशे के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है और इसलिए इसे खरीदने वाले मरीजों का रिकॉर्ड भी दवा स्टोरों से लिया जा रहा है। विभाग ने आदेश जारी कर रखा है कि डॉक्टर की पर्ची के बिना खांसी की सिरप नहीं बेची जा सकती है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने कॉस्मेटिक उत्पादों की गुणवत्ता की जांच भी शुरू कर दी है। इसी क्रम में, दो प्रमुख कॉस्मेटिक उत्पादों के सैंपल भी लिए गए हैं और जांच के लिए सरकारी लैब भेजे गए हैं।
सभी दवा निरीक्षकों को इन सैंपल्स की जांच रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह कदम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और बाजार में बिकने वाली दवाइयों और उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। निशांत सरीन, राज्य सहायक दवा नियंत्रक