एमडीआर के विरोध में व्यापार मंडल का फैसला, करीब 250 दुकानों पर यूपीआई भुगतान रहेगा बंद
गांधी जयंती पर दुकानों में सिर्फ नकद लेनदेन, छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ने की जताई आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
बनीखेत (चंबा)। बाजार में खरीदारी के बाद मोबाइल निकालकर क्यूआर कोड स्कैन करने की आदत शुक्रवार को बनीखेत में थम जाएगी।
यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क के विरोध में बनीखेत व्यापार मंडल ने गांधी जयंती पर एक दिन के लिए डिजिटल भुगतान बंद रखने का निर्णय लिया है। व्यापार मंडल के अधीन करीब 250 व्यापारी इस निर्णय में शामिल होंगे। ऐसे में शुक्रवार को बाजार में खरीदारी करने वाले ग्राहकों को भुगतान के लिए नकदी साथ रखनी होगी।
व्यापार मंडल पदाधिकारियों का कहना है कि छोटे दुकानदारों के लिए यूपीआई अब सुविधा भर नहीं, बल्कि रोजमर्रा के कारोबार का अहम माध्यम बन चुका है। बड़ी संख्या में ग्राहक छोटी से छोटी खरीदारी का भुगतान भी मोबाइल से करते हैं। ऐसे में प्रत्येक डिजिटल लेनदेन पर शुल्क लगने से कम मार्जिन पर कारोबार करने वाले दुकानदारों का खर्च बढ़ सकता है।
प्रधान संजीव ठाकुर, उपप्रधान वेदप्रकाश, अंजुवाला और राजीव शर्मा, महासचिव मेला राम टंडन तथा कोषाध्यक्ष सुरजीत सिंह अरोड़ा ने कहा कि छोटी राशि के भुगतान पर भी शुल्क लगा तो इसका सीधा असर छोटे कारोबारियों की आय पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अधिकांश ग्राहक नकदी रखने के बजाय यूपीआई से भुगतान करना पसंद करते हैं। इसलिए डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क का प्रभाव केवल व्यापारियों तक सीमित नहीं रहेगा।
व्यापार मंडल ने सरकार से मांग की है कि छोटे व्यापारियों के हितों को देखते हुए प्रस्तावित एमडीआर शुल्क से उन्हें राहत दी जाए। पदाधिकारियों ने कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाले प्रावधानों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।