चंबा। राजकीय महाविद्यालय चंबा के एनपीएस कर्मचारियों ने शनिवार को काले बिल्ले लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। इकाई प्रधान प्रो. अविनाश ने कहा कि 15 मई ही वह काला दिवस है, जिस दिन वर्ष 2003 को सरकारी कर्मचारियों पर पुरानी पेंशन प्रणाली को बंद कर न्यू पेंशन स्कीम थोपी गई थी। यह नई पेंशन प्रणाली किसी तरह से भी सरकारी कर्मचारियों के हित में नहीं है। इस प्रणाली के तहत अगर किसी कर्मचारी की सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को उसकी कुल जमाराशि की 20 प्रतिशत ही मिल पाता है और शेष 80 फीसदी राशि में से उसे नाममात्र पेंशन लगा दी जाती है, जो न्यायसंगत नहीं है।
कोरोना महामारी के दौरान सभी कर्मचारी निर्भीकता से अपने कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं और मानवता की सेवा में कार्यरत हैं। संघ का एकमात्र उद्देश्य पुरानी पेंशन प्रणाली की बहाली, कर्मचारियों और उनके परिवार का भविष्य सुरक्षित करना, उनको आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। इसी लक्ष्य की पूर्ति के लिए राज्य एवं जिला इकाई के आह्वान पर राजकीय महाविद्यालय चंबा के कर्मचारियों ने भी काले बिल्ले लगाकर एनपीएस के विरोध में सांकेतिक प्रदर्शन कर काला दिवस मनाया।
महासंघ ने सरकार से मांग की है कि पुरानी पेंशन योजना बहाली के लिए राज्य सरकार की ओर से कमेटी का गठन शीघ्र किया जाए। साथ ही केंद्र की तर्ज पर सरकारी कर्मचारी की सरकारी सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने या अपंग होने पर दिए जाने वाले वित्तीय लाभों की अधिसूचना शीघ्र जारी की जाए। इस अवसर पर प्रो. सुमित, प्रो. अविनाश, प्रो. अनित कुमार, डॉ. जयश्री, प्रो. केहर सिंह, डॉ. उपेंद्र गुप्ता इत्यादि मौजूद रहे।