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मोबाइल के सामने घंटों बैठे रहे विद्यार्थी

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चंबा। जिले में जूम एप का सर्वर डाउन होने से विद्यार्थियों की परेशानियों का सामना करना पड़ा। सर्वर डाउन होने से जहां, स्कूल प्रबंधन समिति की बैठकें और ऑनलाइन प्रतियोगिताएं नहीं हो पाई वहीं, विद्यार्थियों की कक्षाएं भी नहीं लग पाई। नतीजतन, विद्यार्थियों के लिए शनिवार को ऑनलाइन कक्षाएं लगाना गले की फांस बन गया।
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गौरतलब है कि वर्तमान में कोरोना महामारी का दौर है। सभी स्कूल बंद पड़े हैं। ऐसे में बच्चों को पढ़ाई से ऑनलाइन जोड़ा जा रहा है। हालांकि, कुछ स्कूलों ने ई-पीटीएम और गूगल मीट के जरिये भी बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। लेकिन, बार-बार जूम एप में दिक्कत आने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बता दें कि जिले में कोरोना महामारी के चलते स्कूलों में 30 प्रतिशत स्टाफ ही मौजूद है। ऐसे में बच्चों को ऑनलाइन ही पढ़ाया जा रहा है।
वहीं, जिले में वरिष्ठ माध्यमिक और उच्च पाठशालाओं के 15 विद्यार्थियों को हर घर पाठशाला योजना के तहत भी जोड़ा जा रहा है। बावजूद इसके शनिवार को जूम एप के बंद होने से विद्यार्थियों को परेशानी हुई। घंटों विद्यार्थी जूम एप के लिंक पर कनेक्ट होने का इंतजार करते रहे। अभिभावकों नरेश कुमार, योगराज, अखिल कुमार और योगराज ने बताया कि शनिवार को एसएमसी की ऑनलाइन बैठक होनी थी। इसके लिए बाकायदा स्कूल प्रबंधन की ओरसे मैसेज के जरिये अभिभावकों को सूचित किया गया था। शनिवार को लिंक न भेजे जाने से अभिभावकों की बैठक नहीं हो पाई। वहीं, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के प्रधानाचार्य रमेश शर्मा ने बताया कि शनिवार को सर्वर डाउन रहने से विद्यार्थियों की ऑनलाइन कक्षाएं नहीं लग पाई हैं और न ही अन्य ऑनलाइन प्रतियोगिताएं सहित एसएमसी की बैठक हो पाई है।
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कार्यकारी उच्च शिक्षा अधिकारी एनडी शर्मा ने कहा कि शनिवार को सर्वर डाउन रहने से न विद्यार्थियों की कक्षाएं लग पाई न एसएमसी की बैठकें हुईं और न ही ऑनलाइन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा सका। कहा कि जिले में 18 हजार विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षाएं लगाते हैं।
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