चंबा। उपमंडल भरमौर के तहत बजोली-होली निजी जल विद्युत परियोजना की प्रबंधन कंपनी जीएमआर को अब करीब 10.63 करोड़ रुपये उपकर जमा करवाना होगा। कंपनी प्रबंधन को यह राशि एक सप्ताह के भीतर जमा करवानी होगी। यह आदेश श्रम आयुक्त शिमला डॉ. विरेंद्र शर्मा (आईएएस) ने दिए हैं।
जानकारी के अनुसार जिला श्रम अधिकारी अनुराग शर्मा ने भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण उपकर अधिनियम 1996 के तहत जीएमआर हाइड्रो पावर लिमिटेड को उपकर जमा करवाने के आदेश जारी किए थे। आदेशों में स्पष्ट किया था कि परियोजना के निर्माण की कुल लागत 1368.77 करोड़ रुपये है।
लिहाजा, भारत सरकार की अधिसूचना के अनुसार परियोजना के निर्माण की कुल लागत के एक प्रतिशत की दर से इस राशि पर उपकर 13.68 करोड़ रुपये जमा करवाना होगा। इसके बाद कंपनी प्रबंधन की ओर से 3.05 करोड़ रुपये जमा करवाए, लेकिन जिला श्रम अधिकारी ने 30 दिन के भीतर शेष 10.63 करोड़ रुपये जमा करवाने के आदेश दिए।
इन आदेशों के विरुद्ध कंपनी प्रबंधन की ओर से श्रम आयुक्त शिमला के समक्ष 29 मई 2024 को अपील दायर की। कंपनी प्रबंधन ने दलील देते हुए कहा कि परियोजना के निर्माण की कुल लागत 886.68 करोड़ रुपये है, जबकि जिला श्रम अधिकारी ने लागत राशि का गलत मूल्यांकन किया है। इसलिए कंपनी पर अतिरिक्त उपकर का बोझ डाला जा रहा है।
श्रम आयुक्त डॉ. विरेंद्र शर्मा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला श्रम अधिकारी चंबा द्वारा जारी आदेशों को सही करार दिया है और कंपनी प्रबंधन को 10.63 करोड़ रुपये उपकर जमा करवाने के आदेश जारी किए हैं।
जीएमआर बजोली होली हाइड्रो पावर लिमिटेड को श्रम आयुक्त ने 10.63 करोड़ रुपये उपकर जमा करवाने के आदेश दिए हैं। एक सप्ताह में उपकर जमा न करवाने पर प्रबंधन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अनुराग शर्मा, श्रम अधिकारी चंबा