चंबा। मोटर वाहन अधिनियम संशोधन को लेकर निजी बस, ट्रक और टैक्सी चालकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। चालकों ने मंगलवार से चंबा में बसें और ट्रैक्सियां नहीं चलाने का निर्णय लेकर हड़ताल पर जाने की बात कही है।
साफ किया है कि जब तक कानून में संशोधन नहीं हो जाता है, तब तक वाहनों के स्टेयरिंग नहीं थामेंगे। सोमवार को नया बस स्टैंड चंबा से उपायुक्त कार्यालय परिसर तक चालकों ने आक्रोश रैली निकाली। उन्होंने अधिनियम में संशोधन को काला कानून बताया। चालकों ने उपायुक्त के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजकर कानून में संशोधन की मांग उठाई है। चालक-परिचालक यूनियन के अध्यक्ष मनोज टंडन ने बताया कि केंद्र सरकार ने नया यातायात नियम बनाया है। यह चालकों के गले से नहीं उतर रहा है। कहा कि बस चालक निर्धन परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। भारी-भरकम जुर्माना और कारावास की सजा से चालकों समेत उनके परिवारों के भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। निर्णय लिया है कि जब तक केंद्र सरकार इस कानून को वापस नहीं लेती, वे हड़ताल पर रहेंगे।
प्रदेश निजी बस चालक-परिचालक यूनियन चंबा के उपप्रधान हरनाम सिंह राठौर ने कहा कि चालक कभी नहीं चाहते की हादसा हो। हादसे में यदि किसी की जान चली जाती है तो मौके पर भीड़ चालक की जान लेने पर उतारू हो जाती है। ऐसे में चालक को भागना पड़ता है। केंद्र सरकार ने चालकों के लिए नया कानून बनाकर उनके परिवारों को तबाह करने का काम किया है। यूनियन ने नए कानून को वापस लेने की मांग की है। इस मौके पर महादेव टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष राहुल शर्मा, सचिव विनोद कुमार, ट्रक ऑपरेटर यूनियन अध्यक्ष रविंद्र कुमार, सदस्य तुलसी राम, शिवशक्ति टैक्सी यूनियन के प्रधान राकेश चौणा, चामुंडा टैक्सी यूनियन प्रधान हामिद खान, सदस्यों में राजू, लतीफ मोहम्मद और सपन टंडन आदि मौजूद रहे।