चंबा। जिला कारावास में सजा काट रहे कैदियों की स्वास्थ्य विभाग टीबी की जांच करेगा। इतना ही नहीं, बालिका आश्रम सहित हॉस्टलों में रहने वाले सभी विद्यार्थियों की भी टीबी जांच होगी। यह फैसला जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए लिया गया है जिससे छुपे हुए टीबी मरीजों का पता लगाकर उनके इलाज की व्यवस्था की जा सके। जिस प्रकार विभाग सबसे अधिक टीबी मरीजों की संख्या वाले गांवों में टीबी के छुपे हुए मरीजों को तलाश कर रहा है, उसी तरह जेल और हॉस्टल में रहने वालों की भी स्क्रीनिंग की जाएगी। पिछले साल भी जेल में जब विभाग ने जांच की थी तो एक कैदी टीबी रोग से पीड़ित मिला था। उसे अपनी बीमारी के बारे में पता ही नहीं था। बाद में उसे दवाई मुहैया करवाई गई, जिसके बाद वह पूरी तरह स्वस्थ भी हो गया।
स्वास्थ्य विभाग उन सभी लोगों की टीबी स्क्रीनिंग कर रहा है, जिनमें टीबी की संभावना हो सकती है। इसके लिए पोर्टेबल एक्सरे लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें जेल में जाकर स्क्रीनिंग करेंगी। सरकार व विभाग ने लक्ष्य रखा है कि जल्द प्रदेश को टीबी मुक्त बनाया जाए। इसी संदर्भ में जिलों में यह अभियान तेज किया जा रहा है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हरित पुरी ने बताया कि रोजाना स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में जाकर टीबी की स्क्रीनिंग कर रही हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर जालम सिंह ने बताया कि जेल, आश्रम व हॉस्टल में रहने वालों की टीबी स्क्रीनिंग की जाएगी। जिसमें भी टीबी के संभावित लक्षण नजर आएंगे, उनके बलगम सैंपल लेकर टीबी की जांच होगी।
प्रवीण कुमार