मेडिकल कॉलेज सहित जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में जागरूक किए जा रहे लोग
बुखार, भूख कम लगना और कमजोरी होने पर तुरंत डॉक्टर से जांच कराने की दी सलाह
बरसात में टायफाइड फैलने का रहता है खतरा, उबला पानी पीने की दी जा रही नसीहत
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। प्रदेश के कुछ जिलों में बढ़ते टायफाइड के मामलों ने चंबा में स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया है। बरसात के मौसम में दूषित पानी और संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच विभाग ने बीमारी को फैलने से रोकने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। अस्पतालों से लेकर स्वास्थ्य संस्थानों तक लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
हाल ही में शिमला और कुल्लू जिले में टायफाइड के मामले सामने आए हैं। ऐसे में पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा के विशेषज्ञों सहित जिले के अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के डॉक्टर भी लोगों को टायफाइड के बारे में जागरूक कर रहे हैं। विभाग ने एडवाइजरी जारी की है कि किसी भी व्यक्ति को बुखार, भूख कम लगना और कमजोरी जैसी शिकायत हो तो उसे हल्के में न लें, बल्कि तुरंत चिकित्सक के पास जाकर अपनी जांच करवाएं जिससे समय पर टायफाइड की पहचान कर इलाज शुरू किया जा सके। जिले में अभी तक टायफाइड के ज्यादा मामले नहीं आए हैं लेकिन एहतियात के तौर पर विभाग सतर्क है। जिस प्रकार से प्रदेश के अन्य जिलों में टायफाइड के मामले बढ़ रहे हैं। वैसे हालात चंबा में देखने को न मिलें, इसके लिए विभाग पहले से अपनी तैयारियों में जुट गया है। मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉक्टर मानिक सहगल ने बताया कि टायफाइड को लेकर ओपीडी में आने वाले मरीजों व तीमारदारों को जागरूक किया जा रहा है। लक्षणों के बारे में बताया जा रहा है। बरसात के मौसम में इस बीमारी के फैलने का खतरा अधिक रहता है। इसलिए लोगों को उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी जा रही है।
टायफाइड के लक्षण
लगातार तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी और थकान, भूख कम लगना, पेट दर्द, दस्त या कब्ज, शरीर में दर्द और जी मिचलाना हो सकते हैं। इसलिए ऐसे लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
ऐसे करें बचाव
हमेशा उबालकर या साफ किया पानी ही पिएं। खाना खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोएं। डॉक्टर की सलाह से टाइफाइड का टीका जरूर लगवाएं। हमेशा गरमा-गरम और अच्छे से पका हुआ खाना खाएं।