चंबा। जिला सत्र न्यायाधीश चंबा पीआर पहाड़िया की अदालत ने पोक्सो अधिनियम के तहत दोषी को दस वर्ष कारावास और एक लाख जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। आईपीसी की धारा 452 के तहत दोषी को दो वर्ष कारावास, दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
मामले के अनुसार दोषी ने नाबालिग के घर में घुसकर साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए और मौके से फरार हो गया। पीड़ित ने अपने परिवार के सदस्यों को उसके साथ हुई घटना की बारे जानकारी दी। इसके बाद मामला पुलिस के पास पहुंचा। पुलिस ने मामले की पूरी तफ्तीश करने के बाद न्यायालय में चालान पेश किया। न्यायालय में 22 गवाहों के बयानों के आधार पर आखिरकार वीरवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाया। मामले की पैरवी सेवानिवृत जिला न्यायवादी विजय रिहालिया और जिला न्यायवादी संजीव सिंह राणा ने की।