भू-कटाव और भूस्खलन के जोखिम पर पंचायत ने मांगा वैज्ञानिक सर्वे, ड्रेनेज सिस्टम और करोड़ों की डीपीआर
संवेदनशील ढलानों का सर्वे कराकर स्थायी सुरक्षा उपाय लागू करने का आग्रह
ड्रेनेज चैनल, रिटेनिंग वॉल और स्लोप प्रोटेक्शन के लिए तकनीकी अध्ययन की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। बारिश के दौरान जल निकासी की समस्या, भू-कटाव और भूस्खलन के बढ़ते खतरे को देखते हुए ग्राम पंचायत सलूणी ने कस्बे की सुरक्षा के लिए पहल की है।
पंचायत ने उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष को मांगपत्र भेजकर वैज्ञानिक ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करने और संवेदनशील क्षेत्रों का तकनीकी सर्वेक्षण करवाने की मांग की है।
पंचायत प्रधान मदन मोहन शर्मा, उपप्रधान प्रवीण कुमार शर्मा और वार्ड सदस्य खेम राज और तुला राम ने बताया कि कई स्थानों पर बारिश और प्राकृतिक जल स्रोतों के पानी की उचित निकासी नहीं है। इससे जमीन में नमी बढ़ने, मिट्टी के कटाव और भूमि खिसकने का खतरा बना रहता है। तेज बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है। इससे निजी और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान का जोखिम बढ़ता है।
पंचायत ने ड्रेनेज चैनल, क्रॉस ड्रेनेज वर्क्स, कलवर्ट, रिटेनिंग वॉल, सॉयल स्टेबिलाइजेशन और स्लोप प्रोटेक्शन जैसे कार्यों का तकनीकी अध्ययन करवाने की मांग की है। संवेदनशील ढलानों पर बायो-इंजीनियरिंग उपायों की संभावनाएं तलाशने का भी आग्रह किया गया है।
पंचायत ने पूरे क्षेत्र का सर्वेक्षण करवाकर विस्तृत डीपीआर तैयार करने और कार्यों को चरणबद्ध तरीके से स्वीकृति दिलाने की मांग की है। इससे बरसात के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने और सलूणी को भविष्य के भूस्खलन के खतरे से सुरक्षित करने में मदद मिलेगी। उधर,एसडीएम सलूणी सुरेंद्र कुमार कटोच ने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों ने यह पहल की है। प्रशासन पंचायत के साथ मिलकर इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करेगा।
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