सलूणी (चंबा)। विकास खंड सलूणी के आधा दर्जन गांवों में रहने वाली करीब 2,000 आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लंबी दौड़ लगानी पड़ रही है। हालात यह हैं कि लोगों को मामूली इलाज के लिए 20 किलोमीटर दूर किहार नागरिक अस्पताल जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। इन गांवों में स्वास्थ्य सेवा मुहैया करवाने वाले स्वास्थ्य उपकेंद्र प्रियुंगल में दो साल से ताला लटका हुआ है। किहार से नजदीक लोगों को कोई भी स्वास्थ्य सेवा देने वाला संस्थान नहीं है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के पंजीकरण में आ रही है। नवजात बच्चों से लेकर गर्भवतियों को अपना टीकाकरण करवाने के लिए 20 किमी की दौड़ लगानी पड़ रही है। सरकार ने लोगों की मांग पर जब प्रियुंगल में स्वास्थ्य उपकेंद्र खोला था, तब लोगों ने इसको लेकर सरकार का आभार भी प्रकट किया था। लेकिन मौजूदा समय में बंद पड़े स्वास्थ्य उपकेंद्र को लेकर लोगों में सरकार के प्रति भारी नाराजगी भी है।
स्थानीय लोगों हंसराज, भीलो राम, विपिन कुमार, संजय कुमार, रणधीर कुमार, माया देवी और खेलकी देवी ने बताया कि स्वास्थ्य उपकेंद्र में स्वास्थ्य कार्यकर्ता नहीं होने के कारण दो सालों से ताला लटका है। लाखों की लागत से स्वास्थ्य उपकेंद्र का भवन बनाया गया है जो मौजूदा समय में खंडहर बनता जा रहा है। हालात ये हैं कि कबूतरों ने इस भवन को अपना आशियाना बना लिया है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग भी इस केंद्र को सुचारु करने के लिए ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। लंगेरा, प्रियुंगल, भेंट, मटून, रियाली सहित अन्य गांवों के लोग सरकार और विभाग से प्रियुंगल स्वास्थ्य उपकेंद्र को सुचारु करवाने की मांग कर रहे हैं। खंड चिकित्सा अधिकारी किहार डॉ. सचिन का कहना है कि सरकार और विभाग को स्वास्थ्य उपकेंद्र के बंद रहने के बारे में अवगत करवाया जा चुका है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता की नियुक्ति होने पर इसे चालू करवा दिया जाएगा।