न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी चंबा पार्थ जैन की अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले आरोपी की ओर से जुर्माना अदा न करने की सूरत में पीड़ित परिवार ने न्यायालय से पांच लाख की क्षतिपूर्ति राशि की वसूली के लिए याचिका लगाई है।
न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी चंबा पार्थ जैन की अदालत ने सबूतों और गवाहों के अभाव में याचिका खारिज कर दी है।
मामले के अनुसार साल 2005 में तीन लोगों पर एक महिला के पति का रास्ता रोककर मारपीट और जान से मारने के आरोप लगे। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके पति पशुपालक हैं। दूध और दुग्ध उत्पादों की बिक्री के साथ कृषि कार्य कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। पीड़ित ने बताया कि वह घर में इकलौता कमाने वाले थे। उनका एक बेटा पोलियो से पीड़ित होने के कारण शारीरिक रूप से विकलांग है। आजीविका कमाने में असमर्थ है। सात जनवरी 2005 को दोपहर के समय उनके पति शहर में दूध, दुग्ध उत्पाद और सब्जियां बेचकर अपने गांव लौट रहे थे। रास्ते में तीन लोगों ने उनका रास्ता रोककर गाली-गलौज करने के साथ सिर पर पत्थर, डंडे से वार कर दिया और गला घोंटकर हत्या कर दी। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पति की मौत के बाद घर में कमाने वाला कोई नहीं हैं। इसी के चलते परिवार के पालन-पोषण करने में परेशानियां पेश आ रही हैं। न्यायालय में पीड़ित और दूसरे पक्ष के अधिवक्ताओं ने अपने-अपने स्तर पर सबूत और गवाह पेश किए। न्यायालय ने सबूतों और गवाहों के अभाव में याचिका खारिज कर दी है।