पांगी का किलाड़। स्रोत: जागरूक पाठक
पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी के लोग सर्दियों की तैयारी में जुट गए हैं। लकड़ी के अलावा राशन और अन्य जरूरत का सामान इकट्ठा किया जा रहा है। ताकि सर्दी में बर्फबारी होने पर उन्हें जरूरी सामान के लिए घर के बाहर न जाना पड़े। सर्दी के मौसम में पांगी घाटी में चार से पांच फीट तक बर्फबारी होने का अनुमान रहता है।
इतनी बर्फबारी होने से रास्ते पूरी तरह से आवाजाही के लिए बंद हो जाते हैं। दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों का किलाड़ मुख्यालय से संपर्क टूट जाता है। ऐसे में लोगों को अपने घरों में रखे संसाधनों से ही गुजारा करना पड़ता है। इसके चलते लोग मौजूदा समय में चक्की में गेहूं और मक्की का आटा जमा कर रहे हैं। इसके अलावा सरकारी डिपो में सर्दी के लिए छह महीने का इकट्ठा राशन ले रहे हैं। इतना ही नहीं, अपने मवेशियों के लिए सर्दियों में चारा भी इकट्ठा किया जा रहा है। जंगलों से घास काटकर उसे सूखाकर घरों में रखा जा रहा है।
पांगी निवासी देवराज, भूपेंद्र, बिसंभर नाथ, सुरेंद्र, सुरेश कुमार और भाग सिंह ने बताया कि पांगी में सर्दी का मौसम काफी चुनौतीपूर्ण होता है। लोग बर्फबारी के बाद अपने घरों से बाहर नहीं निकल पाते। यही वजह है कि सर्दी का मौसम शुरू होने से पहले लोग अपने घरों में जरूरी संसाधन इकट्ठा कर लेते हैं।