चंबा। कोरोना महामारी की तीसरी लहर से जहां छोटे बच्चों के लिए ज्यादा खतरा बताया जा रहा है वहीं, चंबा मेडिकल कॉलेज में मातृ शिशु केंद्र में नवजात बच्चों और लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाकर बच्चों की जिंदगी को खतरे में डाला जा रहा है। कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए केंद्र के बाहर लोगों की भीड़ लगी रहती है।
इस भीड़ से होकर अभिभावक भी अपने छोटे बच्चों को टीकाकरण के लिए केंद्र में पहुंच रहे हैं। लोगों की भीड़ में बच्चों को लाना कोरोना की दृष्टि से अच्छे संकेत नहीं हैं। सरकार और प्रशासन जहां छोटे बच्चों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रखने के लिए लोगों को सचेत कर रहे हैं वहीं, दूसरी ओर मेडिकल कॉलेज के मातृ शिशु केंद्र में बच्चों के टीकाकरण व कोरोना वैक्सीनेशन कार्य को एक साथ चलाया जा रहा है। सोमवार को केंद्र के बाहर वैक्सीन लगवाने वाले लोगों की भारी भीड़ उमड़ी थी। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोरोना वैक्सीनेशन केंद्र को दूसरी जगह शिफ्ट करना चाहिए अन्यथा आने वाले समय में इसके बुरे परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
जिला प्रशासन ने चंबा चौगान में छोटे बच्चों का प्रवेश बंद करवा दिया है। ऐसा इसलिए किया गया है, जिससे चौगान में जमा होने वाली भीड़ से छोटे बच्चों को बचाया जा सके। लेकिन, मेडिकल कॉलेज में बच्चों को भीड़ से बचाने के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। बच्चों का टीकाकरण उनकी उम्र के अनुसार करवाना जरूरी होता है। इसलिए अभिभावकों ने जिला प्रशासन और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से मांग की है कि कोरोना वैक्सीनेशन केंद्र को बच्चों के टीकाकरण केंद्र से दूर शिफ्ट किया जाए।
चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर देवेंद्र ने बताया कि उन्होंने एमएस का कार्यभार अभी संभाला है। इसलिए उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं है। इसकी जानकारी जुटाकर उचित कदम उठाए जाएंगे। बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।