चंबा। बूस्टर डोज लगवाने के लिए लोग ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें रोजाना ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बूस्टर डोज लगाने के लिए पहुंच रही हैं लेकिन जनसंख्या के अनुसार लोग डोज लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को 75 दिनों में मिले अपने लक्ष्य को पूरा करना मुश्किल हो सकता है। इन 75 दिनों में स्वास्थ्य विभाग ने चार लाख लोगों को बूस्टर डोज लगाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत रोजाना 6,300 लोगों को बूस्टर डोज लगाई जानी है लेकिन अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें 3,000 का आंकड़ा पार नहीं कर पाई हैं। हर दिन 2,600 से 2,700 लोगों को बूस्टर डोज लगाई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों को पंचायत प्रतिनिधियों का भी सहयोग नहीं मिल रहा है। यही कारण है कि लोगों को बूस्टर डोज लगाना विभाग के लिए मुश्किल हो रहा है। लोगों में यह भी भ्रांति है कि बूस्टर डोज कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगने के नौ माह बाद लगाई जाएगी जबकि सरकार ने बूस्टर डोज अब छह माह बाद लगाने का प्रावधान किया है।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. शैल्जा सूर्या ने बताया कि यह बात सही है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग कम संख्या में बूस्टर डोज लगवाने पहुंच रहे हैं। लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है कि बूस्टर डोज अब नौ माह के बजाय छह माह बाद लगेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें उन्हें जागरूक भी कर रही हैं। लक्ष्य प्राप्ति के लिए टीमें लोगों के घरों में जाकर टीकाकरण कर रही हैं।