चंबा। रैपिड एंटीजन टेस्ट प्रणाली में कोरोना संक्रमित निकलने वाले लोगों के संपर्क में आने वाले लोग अपने टेस्ट करवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। इसको लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी गंभीरता नहीं दिखा रहा है, जो आने वाले समय में तबाही का कारण बन सकता है। पिछले दिनों चंबा मेडिकल कॉलेज और चौगान स्थित कलाकेंद्र में दर्जनों लोग रैपिड एंटीजन टेस्ट में कोरोना संक्रमित पाए गए। इन लोगों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से होम आइसोलेट कर दिया गया।
साथ ही इनके संपर्क में आए लोगों को अपनी कोरोना जांच करवाने के लिए फोन किए गए लेकिन किसी ने भी कोरोना जांच करवाने के लिए गंभीरता नहीं दिखाई। हालांकि, प्रशासन की ओर से आदेश जारी किए गए थे कि कोरोना संक्रमित के प्राइमरी कांटेक्ट की भी सैंपलिंग की जाएगी। कई मरीजों के परिजन भी सैंपल देने के लिए नहीं पहुंचे हैं। हालांकि, इनके साथ संक्रमित सबसे ज्यादा संपर्क में रहा।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को ऐसे लोगों का चयन कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लानी चाहिए। जो व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया जाता है, उसके संपर्क में आने वाले लोगों की सैंपलिंग होना अनिवार्य है। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर करण हितैषी ने बताया कि जो व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया जाता है, उसके प्राइमरी कांटेक्ट का पता लगाकर उन्हें फोन करके सैंपल देने के लिए बुलाया जा रहा है लेकिन लोग सैंपल देने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।