चुराह (चंबा)। नकरोड़-हिमगिरी मार्ग पर डैम सड़क के समीप हुए दर्दनाक कार हादसे के बाद शवों को निकालना किसी चुनौती से कम नहीं था। करीब 600 मीटर गहरी खाई में गिरे वाहन तक पहुंचने के लिए पहले रास्ता बनाना पड़ा।
घास और झाड़ियों को हटाया गया, पैर टिकाने लायक जगह बनाई गई और फिर पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय लोगों ने चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद चारों शवों को सड़क तक पहुंचाया।
रविवार सुबह करीब 6 बजे स्थानीय लोगों ने खाई में दुर्घटनाग्रस्त कार को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। करीब 7 बजे पुलिस टीम मौके पर पहुंची लेकिन खाई तक जाने का कोई रास्ता नहीं था। ऐसे में स्थानीय लोगों के सहयोग से पहले घास-झाड़ियों को काटकर और ढलान पर पैर टिकाने लायक जगह बनाकर बचाव दल के लिए रास्ता तैयार किया गया।
करीब 8:30 बजे रेस्क्यू अभियान शुरू हुआ। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक शव पेड़ पर फंसा हुआ था। पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय लोगों ने जोखिम उठाकर उसे बाहर निकाला। इसके बाद एक-एक कर अन्य शवों को भी रस्सियों और मानव शृंखला की मदद से मुख्य सड़क तक लाया गया।
करीब चार घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद दोपहर लगभग 12:30 बजे सभी शवों को खाई से बाहर निकाल लिया गया। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और मृतकों के परिजन मौजूद रहे। पूरे अभियान के दौरान पुलिस, दमकल विभाग और ग्रामीणों ने मिलकर राहत एवं बचाव कार्य को अंजाम दिया।
इसके बाद चारों शवों को सिविल अस्पताल तीसा ले जाया गया। हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि चारों शवों का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल तीसा में करवाया गया है। दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है।
पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि चारों शवों का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल तीसा में करवाया गया है। दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है।