चंबा। निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल से जिले में यातायात व्यवस्था पटरी से उतर गई। यात्री बेबस दिखे। चार-चार घंटे इंतजार करने के बाद भी लोग अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाए।
कुछ लोग निजी वाहनों में लिफ्ट लेकर जरूर घर तक पहुंचे, लेकिन अधिकतर लोगों को पैदल ही सफर करना पड़ा। मंगलवार को निजी बस ऑपरेटर और टैक्सी यूनियनों की हड़ताल का जिले में व्यापक असर देखने को मिला। जिला चंबा में एक भी रूट पर निजी बस नहीं चली। दूसरी ओर, डीजल की कमी के कारण सरकारी बसें भी अधिकतर लोकल रूटों पर नहीं चलीं। लोग दिन भर परेशान रहे। उन्हें न तो बस मिली और न ही टैक्सी। हालांकि, कुछ टैक्सियां जरूर दौड़ती नजर आईं।
निजी बस ऑपरेटरों के साथ टैक्सी यूनियन ने भी हड़ताल के लिए समर्थन दिया था। चालकों के लिए बनाए गए नए कानून को लेकर निजी बस ऑपरेटर सहित टैक्सी यूनियनें मंगलवार को पूरा दिन हड़ताल पर रहीं। एक भी निजी बस जिले में नहीं चली। इससे परिवहन व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई। यात्री बसें न मिलने के कारण परेशान दिखे।
साहो जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा हूं। सुबह नौ बजे न्यू बस स्टैंड पहुंचा, लेकिन दो घंटे बाद 11 बजे तक भी कोई गाड़ी नहीं मिली। इस कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। - मनोज कुमार, यात्री
बाजार में खरीदारी के लिए आए थे। खरीदारी तो कम समय में हो गई, मगर बस के लिए घंटों का इंतजार करना पड़ गया। बावजूद इसके उन्हें बस नहीं मिल पाई।
- सुमित्रा देवी
भरमारै क्षेत्र के लिल्ह में जाना था। सुबह से बस नहीं मिल पाई है। बसें न दौड़ने से काफी परेशानी हुई। एचआरटीसी की बसें डीजल न होने के कारण रूट पर नहीं दौड़ीं। - कुलदीप सिंह
चिकित्सीय परामर्श के लिए किहार से बीते दिनों चंबा आए थे। मंगलवार को वापसी की योजना थी। बस न मिलने के कारण उन्हें चंबा में ही रुकना पड़ा। इससे काफी दिक्कतें पेश आई। - श्रीधर