गांधी कांपलेक्स में पार्किंग संचालक चरणजीत सिंह नारंग प्रेसवार्ता करते हुए।
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नगर परिषद चंबा में पार्किंग और जंजघर पर छिड़ा घमासान खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। पार्षद और अध्यक्ष के साथ ही अब पार्किंग संचालक भी इस विवाद में कूद पड़ा है। गांधी कांपलेक्स में पार्किंग संचालक चरणजीत सिंह नारंग ने सुनियोजित ढंग से उन्हें मिली पार्किंग को हथियाने और अपने चहेते को देने की साजिश रचने का आरोप लगाया है।
चंबा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए चरणजीत सिंह ने बताया कि वार्ड पार्षद किराया अदा न करने की भ्रांति फैला कर नगर परिषद और लोगों को गुमराह कर रही है। उन्होंने बेसमेंट पार्किंग का आगामी एक वर्ष का किराया नगर परिषद के पास जमा करवा दिया है।
वहीं पार्किंग लीज को लेकर स्थिति साफ करते हुए नारंग ने बताया कि पूर्व नगर परिषद के जरनल हाउस में बेसमेंट पार्किंग की लीज की अवधि एक वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दिया गया था। जिसके तहत कानूनी रूप से वर्ष 2018 तक यह बेसमेंट पार्किंग नारंग कंपनी को अनुबंध के आधार पर दिया गया है। लेकिन तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर इस सारी बात को घुमा कर पेश किया जा रहा है। जिसमें नगर परिषद की भलाई कम तो निजी हित ज्यादा सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि 2018 से पूर्व कानूनी तौर पर उन्हें पार्किंग से नहीं हटाया जा सकता है और अगर ऐसा करने की कोशिश की गई तो वह नगर परिषद और चौगान वार्ड की पार्षद के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
इस मुद्दे पर चौगान वार्ड की पार्षद अंजलि मल्होत्रा ने जंजघर, चौगान पार्किंग और नारंग पार्किंग को खाली करने का प्रस्ताव नगर परिषद में रखा है और इस प्रस्ताव के आने के बाद नगर परिषद में इन दिनों खूब घमासान चल रहा है। पार्षद अंजलि मल्होत्रा का कहना है कि जंजघर व पार्किंग संचालक गैर कानूनी ढंग से इसे चला रहे हैं और नगर परिषद को किराया चुकता नहीं कर रहे हैं।